करीब ढाई हजार से अधिक पॉजिटिव रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर गायब हो जाने के बाद अफसरों ने बिना आईडी लिए जांच न कराए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कई निजी व सरकारी लैब बिना आईडी लिए मरीजों की जांच कर रही थीं। इसी का नतीजा है कि अब भी मरीज गलत नाम पता लिखाकर गायब हो रहे हैं।