सपा सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच शुरू कर दी है। गायत्री पर खनन मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे थे। वह फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं।
गायत्री के खिलाफ यह जांच फैजाबाद के आरटीआई एक्टिविस्ट रजनीश सिंह की शिकायत पर शुरू की गई है। रजनीश ने लोकायुक्त से भी उनके भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। लोकायुक्त ने अपनी शुरुआती जांच में गायत्री को दोषी माना था और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। अब सरकार ने इस मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान को सौंपी है।
गायत्री प्रजापति पर आरोप है कि मंत्री रहते हुए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करके आर्थिक भ्रष्टाचार किया। अपने बेटों, पत्नी, भाइयों और सहयोगियों के नाम करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित की थी।
यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने बेटों के नाम बोगस कंपनियों के जरिए कालेधन को ठिकाने लगाया। शिकायतकर्ता ने कई और साक्ष्य जांच अधिकारी को उपलब्ध कराए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में शासन ने 7 जून को सतर्कता अधिष्ठान को पत्र लिखा था और गायत्री के आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच करने को कहा था।