सपा शासनकाल में काबीना मंत्री रहे गायत्री प्रजापति ने पाँच वर्षों में अपनी आय के ज्ञात स्रोत का छह गुना अधिक व्यय किया। गायत्री के खिलाफ वितीय अनियमितता की जाँच कर रही विजिलेन्स ने आरोपों की पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
गायत्री पहले ही एक अन्य मामले में जेल में हैं। उनकी संपतियों की प्रवर्तन निदेशालय भी पड़ताल कर रहा है। विजिलेन्स भी उन पर लगे आरोपों की खुली जाँच कर रही है। विजिलेंस की खुली जांच में गायत्री की आय से अधिक संपति के सबूत मिले हैं। इस जानकारी की रिपोर्ट विजिलेन्स ने कुछ अरसा पहले शासन को सौंपी थी।
इस रिपोर्ट के तथ्यों का परीक्षण करने के बाद शासन ने जाँच एजेंसी को गायत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी जिसके बाद विजिलेन्स ने कार्रवाई की है। मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपति अर्जित करने के आरोपी गायत्री के बीस से अधिक प्लाट पाए गए हैं जो पूर्व मंत्री ने अपने कारीबियों व रिश्तेदारों के नाम पर लिए। अब विजिलेन्स की एफआईआर के बाद गायत्री की बेनामी संपतियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
जाँच से विजिलेन्स के अफसरों का कहना जाँच में सायोग न करने की स्थिति में गायत्री को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है। जिन रिश्तेदारों के नाम से चल व अचल संपती ली गई उनसे भी पूछताछ होगी और यह देखा जाएगा कि जो संपति उनके नाम हुई है उसका भुगतान उन्होंने कैसे किया। इसके लिए इन संपतियों से संबंधित दस्तावेज भी हासिल किए जा रहे हैं।