तीन महीने पुराने समझौते पर अमल न होने से नाराज बिजली कर्मचारी बृहस्पतिवार रात 10 बजे कामकाज बंद कर देंगे। हालांकि, इस कार्य बहिष्कार के दौरान जरूरी सेवाएं ठप नहीं होंगी और बिजली आपूर्ति अप्रभावित रहेगी। उधर, शासन ने भी हड़ताल से निपटने के लिए कमर कस ली है। बिजली कर्मचारियों की छुट्टियां तो रद्द की ही जा चुकी हैं, अतिरिक्त कर्मचारी भी जुटाए जा रहे हैं।
बिजली मंत्री ने दी चेतावनी
ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने चेतावनी दी है कि व्यवधान उत्पन्न करने एवं आमजन को परेशानी पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आश्वस्त किया कि किसी भी कीमत पर कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। आपात स्थिति पड़ने पर 24 घंटे कार्य करने के लिए तैयार हैं।
मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा
इसी बीच ऊर्जा मंत्री ने बुधवार को देर रात बताया कि पावर कॉरपोरेशन ने सभी विद्युत वितरण निगमों, सहयोगी डिस्कॉम के कार्मिकों व सेवानिवृत्त कार्मिकों के साथ उनके आश्रितों को प्रदेश के शासकीय चिकित्सालयों एवं चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए शीघ्र शासन स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश की स्थिति का जायजा लिया
मुख्य सचिव डीएस मिश्रा ने मंगलवार शाम को पुलिस अफसरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग कर पूरे प्रदेश की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार का माहौल न बिगड़े। संघर्ष समिति से पहले संवाद कर लिया जाए। वह कार्य में बाधा उत्पन्न करे तो सख्त कार्रवाई की जाए।
काम करने वालों को दें पुख्ता सुरक्षा
मुख्य सचिव ने कहा कि कई संगठन एवं संविदा कर्मी इस हड़ताल में भाग नहीं ले रहे हैं, उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। डीजीपी डीएस चौहान ने कहा कि सभी बड़े शहरों में ट्रैफिक की अव्यवस्था न हो, किसी भी जनपद में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए। वहीं पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि विभागीय क्षति या जोर जबरदस्ती करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बाद भी बिजली कर्मियों की मांग पूरी नहीं की गई। इसी क्रम में मंगलवार शाम को लखनऊ सहित सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाला गया।