विधान परिषद में गुरुवार को गन्ना मूल्य बकाया पर सरकार घिर गई। नेता सदन अहमद हसन अपने जवाबों से विपक्ष को संतुष्ट नहीं कर पाए।
उन्होंने यह आश्वासन देकर बात खत्म की कि शुक्रवार को वे सदन को बता देंगे कि पूरे प्रदेश में गन्ना किसानों का निजी चीनी मिलों पर कुल कितना बकाया है।
इस जवाब से असंतुष्ट भाजपा सदस्यों न सदन से बहिर्गमन कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बसपा के अन्य सदस्यों ने शून्य प्रहर में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न होने और भूख से किसानों की मौत पर कार्यस्थगन सूचना दी।
साथ ही सभापति से सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग की। भाजपा सदस्यों ने भी इस मुद्दे को उठाया। कहा कि किसानों के बकाया भुगतान को लेकर सरकार जो दावे कर रही है, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।
नेता सदन अहमद हसन ने जवाब दिया कि सरकारी व सहकारी चीनी मिलों पर कोई बकाया नहीं है।
पूरे प्रदेश का बकाया बताइए
नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन ने कहा कि नेता सदन उन्हें पूरे प्रदेश में गन्ना किसानों के बकाया की जानकारी दें।
नेता सदन ने तीन चीनी मिलों पर किसानों के बकाया का ब्यौरा देना शुरू किया तो नेता प्रतिपक्ष ने फिर कहा कि उन्हें पूरे प्रदेश की जानकारी चाहिए।