बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।
मुजफ्फरनगर दंगे, गन्ना किसानों की समस्याओं व कानून-व्यवस्था समेत तमाम मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी कर रखी है।
सरकार को विपक्ष के तमाम तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
भाजपा विधायक संगीत सोम व सुरेश राणा अपने ऊपर रासुका लगाने का मामला सदन में विशेषाधिकार हनन के रूप में उठाएंगे।
मुजफ्फरनगर दंगे पर हुए स्टिंग ऑपरेशन की जांच को लेकर भी सदन में सवाल उठ सकते हैं।
संभावना जताई जा रही है कि विपक्ष के तीखे तेवरों से बचने के लिए सरकार की प्राथमिकता जल्द से जल्द अनुपूरक बजट पास कराने तथा अन्य विधायी कार्य निपटाने की होगी। फिलहाल सदन की पांच बैठकों का ही कार्यक्रम तय किया गया है।
तय कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन यानी बृहस्पतिवार को मौजूदा सदस्य राजा राम पांडेय समेत अन्य दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी।
शुक्रवार को सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं। समूचे विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार की घेरने की रणनीति बनाई है।
इस बीच सरकार की कोशिश जल्द से जल्द अपना एजेंडा निपटाने की होगी। विपक्ष के हमले से निपटने के लिए सपा बृहस्पतिवार को विधायक दल की बैठक में अपनी रणनीति तय करेगी।
साथ ही सरकार की ओर से विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करके सदन को व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से चलाने में सहयोग मांगने की औपचारिकता भी निभाई जाएगी।