सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर सपा की ओर से सीएए का विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया गया। सपा के रामसुंदर दास ने कहा कि अलीगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, मेरठ और आगरा में पुलिस का बर्बर रवैया देखने को मिला है। शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि पुलिस ने छात्राओं तक को नहीं बख्शा।
पीठ ने कथित बर्बरता के शिकार छात्र-छात्राओं के नाम मांगे, तो असीम यादव ने बताया कि एएमयू में पढ़ रहे फिरोजाबाद के छात्र तारिक और सैय्यद शाद जफर बुरी तरह से घायल हुए हैं। बसपा के दिनेश चंद्रा ने कहा कि 10 से ज्यादा जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।
उन्होंने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हाल की घटनाओं से साफ हो गया है कि भाजपा सरकार अलोकतांत्रिक है। प्रदेश के कई लाख बुनकरों से बिजली का हर महीने फिक्स चार्ज लिया जाता था, पर सरकार ने यह सुविधा बंद कर दी।