विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों के नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया। उनसे आग्रह किया कि वे सदन में अपना पक्ष शालीनता, सौम्यता और संसदीय मर्यादा के साथ रखें। उन्होंने कहा कि दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में पक्ष होता है, विपक्ष होता है, सहमति होती है, असहमति होती है, तर्क होता है, प्रतितर्क होता है। वाद-विवाद होते हैं। सहमति और असहमति जिस बिंदु पर मिलते हैं, वहीं जनतंत्र मजबूत होता है।
बैनर-पोस्टर लहराकर व्यवधान उचित नहीं
दीक्षित ने कहा कि कभी-कभी तात्कालिक प्रसंगों को लेकर सदन में व्यवधान आता है। वाद-विवाद होता है। तात्कालिक क्रिया-प्रतिक्रिया स्वाभाविक है लेकिन कभी-कभी सुनियोजित ढंग से बैनर व पोस्टर लहराकर सदन में व्यवधान किया जाता है। यह उचित नहीं है।
सदन के संचालन में सहयोग का वादा
नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी, बसपा के नेता लालजी वर्मा और कांग्रेस दल के नेता अजय कुमार उर्फ लल्लू ने कहा कि सदन की कार्यवाही नियमों व परंपरा के अनुसार चली तो विपक्ष की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। रामगोविंद ने कहा कि सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक व बहसें होती हैं लेकिन हमें मैत्री भाव नहीं खोना चाहिए।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश, दुनिया के पांचवें देश के बराबर है। यहां के सदन में चर्चा का स्तर बढ़ाया जाना चाहिए।
कार्यवाही के लाइव प्रसारण की अवधि बढ़ी
विपक्षी नेताओं ने सदन की कार्यवाही के प्रसारण की अवधि बढ़ाए जाने का अनुरोध किया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रसारण अवधि एक घंटा बढ़ाकर सुबह 11 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक कर दिया। इसके अलावा किसी विशिष्ट अवसर पर होने वाली चर्चा का भी दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण किया जाएगा।