अयोध्या में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व अन्य।
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भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू शुक्रवार को पहली बार अयोध्या पहुंचे। निर्धारित समय पूर्वाह्न 11 बजे उपराष्ट्रपति का आगमन रेलवे स्टेशन अयोध्या पर हुआ। यहां से उपराष्ट्रपति का काफिला सीधे श्रीरामजन्मभूमि पहुंचा। यहां उन्होंने रामलला का दर्शन-पूजन कर आरती उतारी। इसके बाद राममंदिर निर्माण के लिए चल रहे कार्य को भी देखा। इसके बाद हनुमानगढ़ी में माथा टेका और मां सरयू की पूजा-अर्चना भी की।
उपराष्ट्रपति का रामलला के दरबार में भव्य अभिनंदन किया गया। रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने उन्हें पूजा-अर्चना और आरती कराई। पुजारी ने उपराष्ट्रपति व उनकी पत्नी एम ऊषा नायडू को रामनामा को भेंट किया। यहां दर्शन-पूजन के बाद उपराष्ट्रपति का काफिला हनुमानगढ़ी पहुंचा।
हनुमानगढ़ी के प्रवेश द्वार पर वैदिक आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारों के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का रामनगरी की परंपरा के अनुरूप अभिनंदन किया गया। इसके बाद हनुमंतलला के दरबार में प्रवेश करने पर उन्होंने सबसे पहले दरबार में माथा टेका। हनुमानजी को प्रसाद अर्पित किया और दर्शन करने के बाद आरती भी उतारी। इसके बाद हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास से आशीर्वाद लिया।
उन्होंने उपराष्ट्रपति को पगड़ी पहनाई, रामनाम और चांदी की गदा भेंटकर भव्य अभिनंदन किया। यहां पुजारी राजूदास, हेमंत दास आदि संतों ने भी उपराष्ट्रपति का अभिनंदन किया। हनुमानगढ़ी में करीब 15 मिनट तक पूजा अर्चना के बाद राष्ट्रपति का काफिला सीधे सरयू तट पहुंचा। यहां आंजनेय सेवा समिति के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास की अगुवाई में उपराष्ट्रपति ने मां सरयू के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
उन्होंने मां सरयू का 21 किलो दूध व पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद मां सरयू की आरती भी उतारी। यहां से दर्शन-पूजन के बाद उपराष्ट्रपति रामकथा पार्क के पास स्थित सरयू होटल पहुंचे। यहां जलपान व विश्राम के बाद 2.45 बजे उपराष्ट्रपति रेल मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना हुए।