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उप राष्ट्रपति बोले, मुफ्त बिजली के नारे के झांसे में न आएं, 'फ्री पावर' का मतलब है 'नो पावर'

Sat, 26 May 2018 08:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू - फोटो : amar ujala
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उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि अवाम मुफ्त बिजली के लोकलुभावन नारे के झांसे में बिल्कुल भी न आए। मुफ्त बिजली लेने के चक्कर में बिजली मिलती ही नहीं है। उन्होंने कहा कि रेगुलेशन (नियम-कायदे) लोगों की सुविधा के लिए होने चाहिए, बाधा के लिए नहीं। साथ ही नायडू ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के काम की जमकर सराहना भी की।

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नायडू गोमती नगर में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के नवनिर्मित ऊर्जा दक्ष भवन के लोकार्पण के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव की ओर इशारा करते हुए कहा, कुछ लोग आएंगे और कहेंगे कि हम (सत्ता में) आए तो बिजली का पूरा बिल माफ होगा। व्यंग्य करते हुए कहा, याद रखना फिर सब साफ होगा।

मुफ्त बिजली का नारा बचपन से सुनता आ रहा हूं। ‘फ्री पॉवर’ पहले ‘लो पॉवर’ और फिर ‘नो पॉवर’ में बदल जाती है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि लोगों को दाम देकर 24 घंटे बिजली लेने की मांग करनी चाहिए। हर घर, उद्योग और किसान सबको बिजली मिलनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास पैसा है तो वे मुफ्त बिजली देने के विरोधी नहीं हैं, पर क्वालिटी की कीमत पर इसे लागू करना उचित नहीं है। नायडू ने कहा कि मांग और आपूर्ति के प्रबंधन के लिए नियामक आयोग जरूरी है, पर किसी भी संस्था के नियम-कायदे लोगों को परेशान करने वाले नहीं होने चाहिए।

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वेल्दी नेशन के हिसाब से भारत दुनिया में छठे नंबर पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू। - फोटो : amar ujala
नायडू ने कहा कि ऊर्जा बचत के लिहाज से नवनिर्मित भवन एक मॉडल साबित होगा। नायडू ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी हम बिजली, पानी और गरीबी जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। हालांकि, वेल्दी नेशन के लिहाज से भारत को दुनिया में छठे नंबर पर रखा गया है। यूपी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वो विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रयासरत है।
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