पशुपालन विभाग में ठेके के नाम पर इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भाटिया से 10 करोड़ रुपये ठगने वाले शातिरों का साथ देने के आरोपी आईपीएस अरविंद सेन पर कानून का शिकंजा कस गया है। लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तारी की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। आईपीएस अरविंद सेन के खिलाफ एसटीएफ को शुरुआती जांच में ही पर्याप्त साक्ष्य मिल गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसटीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे हजरतगंज कोतवाली में दर्ज
ठगी की एफआईआर में शामिल करके आईपीएस अफसर का नाम विवेचना में खोल दिया गया है।
पशुपालन विभाग में आटा सप्लाई के नाम पर इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भटिया से ठगों ने 10 करोड़ रुपये हड़प लिए थे। कारोबारी ने सीएम से शिकायत की जिसके बाद एसटीएफ को जांच सौंपी गई।
जांच पूरी होने के बाद 13 जून को कारोबारी की तरफ से हजरतगंज कोतवाली में पशुधन राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, निजी सचिव ललित देव, कथित पत्रकार एके राजीव, अनिल राय, आशीष राय समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।