अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा पर पिछले 20 दिनों से विहिप और सरकार के बीच चल रहा लुका-छिपी का खेल समापन की ओर है।
विहिप ने 25 अगस्त से 13 सितंबर तक अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा करने की घोषणा की थी।
परिक्रमा के प्रारंभ की तरह इसके समापन को भी चर्चा में लाने की योजना बनी है।
इसी सिलसिले में गुरुवार सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे कुछ प्रमुख संतों को हिरासत में ले लिया गया। विहिप के महामंत्री चंपत राय ने फोन पर कहा कि सपा सरकार ने मखौड़ा को किले के रूप में तब्दील कर दिया है।
उसने वोट बैंक के लालच और एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए वहां इतनी अधिक संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की है जैसे वहां कोई हमला होने जा रहा हो।
होगी मखौड़ा पहुंचने की कोशिश
बावजूद इसके हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मखौड़ा पहुंचने की कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि कुछ प्रमुख संत गुरुवार को लखनऊ पहुंच रहे हैं। वे लखनऊ से अयोध्या कूच करेंगे। हालांकि, उन्होंने इन संतों के नाम का खुलासा करने से इन्कार कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को लखनऊ पहुंच रहे संतों में गुजरात के स्वामी परमात्मानंद और हरिद्वार के डॉ. रामेश्वर दास वैष्णव शामिल हैं। इन संतों को सुबह 10 बजे अमौसी हवाई अड्डे पर पहुंचना था। हालांकि, जानकारी के मुताबिक इन सभी संतों को हिरासत में ले लिया गया है। चंपत राय ने दावा किया कि परिक्रमा पूरी तरह से सफल रही है।
समापन पर प्रशासन की भी नजर
जिला प्रशासन की नजर भी विहिप की चौरासी कोसी परिक्रमा पर है। इस दौरान विहिप के संभावित कार्यक्रमों की टोह ली जा रही है। सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन ने 12 व 13 सितंबर को कोई बड़ी बैठक नहीं लगाई है।
लखनऊ के आईजी जोन सुभाषचंद्र ने भी मंगलवार की देर शाम तक यहां आकर परिक्रमा मार्ग के सभी छह जिलों के अफसरों के साथ रणनीति बनाई। जिले में धारा 144 अभी बरकरार है। कुछ को छोड़ सभी मजिस्ट्रेटों की तैनाती अब भी उनके क्षेत्रों में है।