सरकार हमें ट्रस्ट में शामिल करेगी या नहीं यह उसका निर्णय होगा। हम मंदिर निर्माण होने तक बाहर से सक्रिय रहेंगे। सरकार चाहे तो हमारा पूरा न्यास अधिग्रहण कर सकती है। -दिनेश चंद्र, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक, विश्व हिंदू परिषद
नया ट्रस्ट बनाने की आवश्यकता नहीं
सरकार को कोई नया ट्रस्ट बनाने की आवश्यकता नहीं है। राम मंदिर निर्माण के लिए पहले से ही श्रीराम जन्म न्यास बना है, उसी में और संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्य हो जाएगा। प्रधानमंत्री की गरज होगी तो वह हजार बार अयोध्या आएंगे, अयोध्या किसी को बुलाने नहीं जाती।
-महंत नृत्यगोपाल दास, अध्यक्ष, श्रीराम जन्मभूमि न्यास
रामालय ट्रस्ट का दावा खारिज हुआ तो कोर्ट जाएंगे
रामालय ट्रस्ट पहले से मौजूद है। सरकार का काम मंदिर-मस्जिद बनाना नहीं है। मंदिर बनाने के लिए हम बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार के समक्ष अपने ट्रस्ट का दावा प्रस्तुत करेंगे। यदि सरकार इसे खारिज करती है तो हम कोर्ट जाएंगे।
-स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सचिव रामालय ट्रस्ट
हिंदू-मुस्लिम पक्षकार भी दिखे सक्रिय, निर्मोही अखाड़ा एक सप्ताह में बुलाएगा पंचायत
एक सप्ताह के भीतर पंचायत बुलाकर अखाड़ा के पंच आगे की रणनीति तय करेंगे। मंदिर के लिए सरकार को ट्रस्ट बनाने का अधिकार है, अन्य को रामजी के लिए सब समर्पित करना चाहिए।
-महंत दिनेंद्र दास, निर्मोही अखाड़ा
हमारी पहुंच में होनी चाहिए मस्जिद
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अयोध्या में प्रमुख जगह पर मस्जिद के लिए जमीन दी जाए, यह जमीन हमारी पहुंच में होनी चाहिए। अयोध्या से बाहर मस्जिद बनने का औचित्य नहीं है। हम सुप्रीम कोर्ट और सरकार की बात मानेंगे, वह सांस्कृतिक सीमा के भीतर जमीन दे या बाहर।
-इकबाल अंसारी, मुस्लिम पक्षकार
विहिप कौन होती है मस्जिद की जमीन तय करने वाली
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समाज को भी पांच एकड़ जमीन देने की बात कही है, लेकिन अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि जमीन कहां दी जा रही है। विहिप कौन होती है मस्जिद की जमीन तय करने वाली। हमें सरकार के अगले कदम का इंतजार है। -हाजी महबूब, मुस्लिम पक्षकार