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यूपी में लोगों से वापस ली जाएं बंदूकें: कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए बोले उपराष्ट्रपति नायडू

Wed, 24 Jan 2018 08:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू - फोटो : amar ujala
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उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए यूपी के लोगों को दिए गए असलहे वापस लिए जाने चाहिए। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून-व्यवस्था होनी चाहिए। नायडू बुधवार को राजधानी के अवध शिल्प ग्राम में यूपी दिवस के शुभारंभ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

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उन्होंने कहा कि यूपी में आपराधिक घटनाओं का कारण यहां के लोगों के पास ज्यादा हथियार होना है। कुछ के पास हथियार हैं और कुछ के पास नहीं हैं, जिसके चलते समस्या पैदा हो रही है। यहां इतने असलहे दिए जाने की जरूरत नहीं है। इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ द डूइंग बिजनेस यानी कारोबारी सुगमता में यूपी का स्थान देश में पंद्रहवां है, इसमें सुधार किए जाने की जरूरत है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंग्रेजों के आने से पहले हमारी जीडीपी कुल दुनिया की 27 फीसदी थी, जो आज मात्र 7.4 फीसदी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हम आपस में किसी न किसी मुद्दे पर लड़ते रहते हैं। आज देश में कुछ लोग खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें याद रखना चाहिए कि जो बाहर चले गए, उन्हें जाने दीजिए, पर जो यहां रह गए हैं, वे सब हिंदुस्तानी हैं, हमारे भाई हैं। जाति-धर्म के नाम पर हमले देशहित में नहीं हैं।  
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दूसरे को रोटी देना संस्कृति, छीनकर खाना विकृति
नायडू ने कहा, भारतीयता ही हमारी संस्कृति है। हम रोटी खाते हैं, जो हमारी प्रकृति है। अगर छीनकर रोटी खाते हैं तो यह हमारी विकृति है। अगर अपनी रोटी किसी भूखे को दे देते हैं तो यह संस्कृति है। हमारी संस्कृति में तो पेड़-पौधों और पशुओं तक की पूजा की जाती है।

राम का मतलब-न भूख, न भय, न भ्रष्टाचार

- फोटो : amar ujala
नायडू ने कहा कि अयोध्या, अजमेर, मथुरा और काशी, सभी हमारे लिए पवित्र स्थल हैं। महात्मा गांधी ने भी रामराज्य की स्थापना का सपना देखा था। भगवान राम को मजहब से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। राम का मतलब है-न भूख, न भय और न भ्रष्टाचार। हमारे यहां तो कम्युनिस्ट पार्टी के नेता तक का नाम सीताराम येचुरी है।

प्रदेश के विकास के लिए समर्पित हैं योगी
नायडू ने सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास को व्रत के रूप में लिया है। सुशासन, गरीबी उन्मूलन, अशिक्षा, बेरोजगारी व महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों का खात्मा उनकी प्राथमिकता में है। प्रधानमंत्री ग्राम आवास योजना का 99 प्रतिशत लक्ष्य यूपी में हासिल कर लिया गया है।

हिंदी के बिना हिंदुस्तान में आगे नहीं बढ़ सकते
नायडू ने कहा, मेरी हिंदी अच्छी नहीं है, क्योंकि मैं बचपन में हिंदी नहीं बोलता था। विद्यार्थी जीवन में हिंदी विरोधी आंदोलन में हिस्सा लेता था। बाद में पता चला कि हिंदुस्तान में अगर आगे बढ़ना है तो हिंदी का ज्ञान बहुत जरूरी है।

जीवन में 4 सी जरूरी
नायडू ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए ‘4 सी’ बहुत जरूरी हैं। ये हैं-कैरेक्टर (चरित्र), कैलीवर (कुशलता), कैपिसिटी (क्षमता) और कंडक्ट (व्यवहार)। लेकिन, अफसोस आज लोग ‘3 सी’ यानी कास्ट (जाति), कॉस्ट (धन) और कम्युनलिटी (संप्रदायवाद) पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
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तीन साल में चीन से आगे होंगे हम

- फोटो : amar ujala
नायडू ने कहा कि आईएमएफ और मूडीज ने भविष्यवाणी की है कि अगले तीन साल में भारत की अर्थव्यवस्था चीन से आगे निकल जाएगी। सभी पार्टियों को मिलकर देश के विकास पर ध्यान देना होगा।

यूपी दिवस से विकास एजेंडे को मिलेगी धार
नायडू ने राज्यपाल राम नाईक का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दिमाग में हमेशा नए-नए आइडिया आते रहते हैं। यूपी दिवस से प्रदेश के कला, साहित्य, संस्कृति और विकास योजनाओं को गति मिलेगी। एक जनपद-एक उत्पाद के माध्यम से प्रदेश के हर जिले का विकास हो सकेगा।

यहां के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर का निर्यात में शेयर 44 फीसदी है। प्रदेश सरकार कौशल युक्त रोजगार देने के लिए कदम उठा रही है। युवाओं को कुशलता प्रमाण पत्र मिलने पर उन्हें बैंकों से लोन और सरकार से अनुदान, दोनों मिल सकेंगे।
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