नायडू ने कहा कि अयोध्या, अजमेर, मथुरा और काशी, सभी हमारे लिए पवित्र स्थल हैं। महात्मा गांधी ने भी रामराज्य की स्थापना का सपना देखा था। भगवान राम को मजहब से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। राम का मतलब है-न भूख, न भय और न भ्रष्टाचार। हमारे यहां तो कम्युनिस्ट पार्टी के नेता तक का नाम सीताराम येचुरी है।
प्रदेश के विकास के लिए समर्पित हैं योगी
नायडू ने सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास को व्रत के रूप में लिया है। सुशासन, गरीबी उन्मूलन, अशिक्षा, बेरोजगारी व महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों का खात्मा उनकी प्राथमिकता में है। प्रधानमंत्री ग्राम आवास योजना का 99 प्रतिशत लक्ष्य यूपी में हासिल कर लिया गया है।
हिंदी के बिना हिंदुस्तान में आगे नहीं बढ़ सकते
नायडू ने कहा, मेरी हिंदी अच्छी नहीं है, क्योंकि मैं बचपन में हिंदी नहीं बोलता था। विद्यार्थी जीवन में हिंदी विरोधी आंदोलन में हिस्सा लेता था। बाद में पता चला कि हिंदुस्तान में अगर आगे बढ़ना है तो हिंदी का ज्ञान बहुत जरूरी है।
जीवन में 4 सी जरूरी
नायडू ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए ‘4 सी’ बहुत जरूरी हैं। ये हैं-कैरेक्टर (चरित्र), कैलीवर (कुशलता), कैपिसिटी (क्षमता) और कंडक्ट (व्यवहार)। लेकिन, अफसोस आज लोग ‘3 सी’ यानी कास्ट (जाति), कॉस्ट (धन) और कम्युनलिटी (संप्रदायवाद) पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
नायडू ने कहा कि आईएमएफ और मूडीज ने भविष्यवाणी की है कि अगले तीन साल में भारत की अर्थव्यवस्था चीन से आगे निकल जाएगी। सभी पार्टियों को मिलकर देश के विकास पर ध्यान देना होगा।
यूपी दिवस से विकास एजेंडे को मिलेगी धार
नायडू ने राज्यपाल राम नाईक का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दिमाग में हमेशा नए-नए आइडिया आते रहते हैं। यूपी दिवस से प्रदेश के कला, साहित्य, संस्कृति और विकास योजनाओं को गति मिलेगी। एक जनपद-एक उत्पाद के माध्यम से प्रदेश के हर जिले का विकास हो सकेगा।
यहां के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर का निर्यात में शेयर 44 फीसदी है। प्रदेश सरकार कौशल युक्त रोजगार देने के लिए कदम उठा रही है। युवाओं को कुशलता प्रमाण पत्र मिलने पर उन्हें बैंकों से लोन और सरकार से अनुदान, दोनों मिल सकेंगे।