ट्रेनों में अब खानपान के सामान का मनमाना मूल्य वेंडर नहीं वसूल सकेंगे। मनमानी वसूली पर जल्द लगाम लग जाएगी। रेलवे ने इस तरफ सख्त रुख अपनाया है।
नाश्ता, खाना व अन्य सामानों की सप्लाई के वक्त वेंडरों को पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से बिल देना होगा। अगर वेंडर बिल नहीं देते हैं तो यात्री सामान की कीमत नहीं देंगे। आईआरसीटीसी ने ट्रेनों के पेंट्रीकार में पीओएस बिल अनिवार्य कर दिया है।
पहले चरण में 26 ट्रेनों में यह व्यवस्था शुरू की गई है। दूसरे चरण में सौ से ज्यादा ट्रेनों को चुना गया है। इनमें पूर्वोत्तर रेलवे की नौ ट्रेनें शामिल हैं। खानपान के सामान की अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों के मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने बिलिंग के लिए पीओएस मशीन लगाना अनिवार्य कर दिया है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत कर्नाटक एक्सप्रेस से इसकी शुरुआत हो चुकी है। अब विस्तार के क्रम में दूसरी ट्रेनों में यह व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पीओएस से बिलिंग होने में फायदा यह होगा कि उसमें खाने के हर सामान का वास्तविक मूल्य दर्ज होगा।
इस तरह से अगर वह बिल देगा तो यात्री को पता होगा कि वास्तव में खरीदे गए सामान की कीमत कितनी है, और वह उतना ही बिल अदा करेगा। आईआरसीटीसी ने हर ट्रेन में कम से कम दो पीओएस बिलिंग मशीनें उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
ट्रेन
- फोटो : Amar Ujala
अधिक कोच वाली ट्रेनों में मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। हैंड हेल्ड मशीन होने के कारण इससे एक से दूसरे कोच में बिल बनाने में दिक्कत भी नहीं होगी। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि पीओएस से बिलिंग होने पर ओवरचार्जिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। अगर वेंडर बिल नहीं देते हैं तो यात्री इसकी शिकायत करें, कार्रवाई होगी।
कैटरिंग सेवाओं की मॉनीटरिंग
रेलवे के मुताबिक आईआरसीटीसी ने ट्रेनों में मॉनीटरिंग के लिए अधिकारियों को टैबलेट दिए हैं। पीओएस से बिलिंग की फीडबैक भी ली जाएगी और इसकी रिपोर्ट जोनल स्तर से
रेलवे बोर्ड तक भेजी जाएगी।
इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा
शिवगंगा एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस (सोमवार व शुक्रवार), गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस, ओखा एक्सप्रेस, गोरखपुर-त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस, गोरखपुर-सिकंदराबाद
एक्सप्रेस, गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस।