दीवानी न्यायालय के निकट मार्ग की पटरी पर वाहन खड़ा कर लोड कर रहे धान।
श्रावस्ती। तराई में कोहरे का प्रकोप बढ़ गया है। शाम से छाया घना कोहरा सुबह नौ बजे तक बना रहता है। जो वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा है। आलम यह है कि 10 मीटर की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं देता। ऐसे में मार्ग की पटरियों पर खड़े वाहनों से हादसों की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी अधिकारियों की खामोशी समस्या बढ़ा रही है। बुधवार को ‘अमर उजाला’ ने पड़ताल की तो सच्चाई उजागर हुई।
सुबह करीब आठ बजे बौद्ध परिपथ पर गिलौला पेट्रोल पंप के पास ढाबे के सामने मार्ग की पटरी पर कई ट्रक खड़े थे। साथ ही एलपीजी ले जाने वाला एक टैंकर भी खड़ा था। घने कोहरे में जब सड़क नहीं दिखती तो मार्ग की पटरी पर खड़े वाहन कभी भी हादसे की वजह बन सकते हैं।
सुबह नौ बजे गिलौला कस्बे से बाहर मार्ग किनारे दोनों पटरियों पर कई वाहन खड़े थे। यहां रात में भी वाहन खड़े रहते हैं। ऐसे में बौद्ध परिपथ संकरा हो जाता है। साथ ही घने कोहरे में मार्ग की पटरी पर खड़े वाहन कब किसी घटना की वजह बन जाए। इसकी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
दोपहर एक बजे भिनगा में दीवानी न्यायालय के निकट जहां मार्ग के दोनों पटरियों पर कचहरी आने वालों के वाहन खड़े थे। वहीं उत्तरी पटरी पर एक आढ़ती धान की खरीदारी करता है। यहां एक तरफ ट्रक पर धान लादा जा रहा था जबकि दूसरी तरफ मार्ग पर ही ट्राली से किसानों का धान उतारा भी जा रहा था। इससे यहां अक्सर जाम लगा रहता है। जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।