वाहन मालिक अब मोबाइल फोन नंबर की तरह अपने वाहन नबंर को भी पोर्ट करा सकेंगे। वे अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नई गाड़ी के लिए आवंटित करा सकेंगे। इसके साथ ही वाहनों के वीआईपी नंबरों की कीमतें भी नए सिरे से तय कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इसके लिए मोटरयान नियमावली-1988 के नियम 51 (2) और 51 क (2) (आईवी) में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा ने बताया कि वाहन मालिक काफी दिनों से मोबाइल फोन नंबर की तरह वाहनों के नंबर की पोर्टेबिलिटी की सुविधा दिए जाने की मांग कर रहे थे।
इसे देखते हुए सरकार ने इससे संबंधी नियम में बदलाव करते हुए उन्हें यह सुविधा देने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के मुताबिक अब पुराने वाहन के नंबर को उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर आंवटित कराया जा सकेगा। यानी पुरानी जीप का नंबर नई जीप के लिए ही आवंटित किया जाएगा, न कि कार के लिए।
दोपहिया व चार पहिया के वीआईपी नंबर की अलग-अलग होगी कीमत
सरकार ने वाहनों के लिए वीआईपी नंबर की कीमत नए सिरे से निर्धारित की है। जुलाई 2013 में वीआईपी नंबरों के लिए जो कीमत तय की गई थी, उसके मुताबिक वीआईपी नंबरों को अति आकर्षक, अति महत्वपूर्ण, आकर्षक और महत्वपूर्ण श्रेणी में रखा गया था।
चारों श्रेणी के लिए क्रमश: 15000, 7500, 6000 और 3000 रुपये कीमत तय की गई थी। पहले दोपहिया व चार पहिया वाहनों के लिए वीआईपी नंबर की एक ही कीमत थी। यानी चार पहिया वाहन के लिए जो वीआईपी नंबर 15000 रुपये का है, वही कीमत दोपहिया वाहन के लिए भी ली जाती थी। सरकार ने इस विसंगति को दूर करते हुए दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग न्यूनतम आधार मूल्य (बेस प्राइस) निर्धारित किया है।
श्रेणीवार वीआईपी नंबरों की कीमत
श्रेणी चार पहिया दोपहिया
- अति आकर्षक 1,000,00 20,000
- अति महत्वपूर्ण 50,000 10,000
- आकर्षक 25,000 5,000
- महत्वपूर्ण 15,000 3,000