जनता को फिलहाल महंगाई से राहत मिलती नहीं दिख रही। कभी दाल महंगी तो कभी सब्जियां। पहले अरहर दाल की बढ़ती कीमतों के चलते थाली से दाल गायब होने लगी थी और अब आलू की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
तीन दिन के भीतर जहां आलू 7 रुपये किलो महंगा हुआ वहीं अरहर दाल 3 रुपये किलो सस्ती हुई है। आलू के दाम और बढ़ने के आसार हैं। रविवार को थोक मंडी में आलू 12 से 13 रुपये किलो बिका।
यहीं आलू जब खुदरा बाजार पहुंचा तो उसकी कीमत 18 से 20 रुपये पहुंच गई। थोक कारोबारी नजमुद्दीन राइनी ने बताया कि इस साल खर्रा रोग से आलू का उत्पादन प्रभावित होने के कारण मंडियों में आवक घटी है।