उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भाजपा सांसद वरुण गांधी की गतिविधियों पर सरकार की नजरें है। अफसरों को आशंका है कि उनके कार्यक्रमों से शांति भंग होने की स्थिति आ सकती है।
इसी वजह से ऊपर से मिले निर्देशों के अनुपालन में बहराइच के अधिकारियों ने वरुण के रोड शो के दौरान उनके काफिले को रोक कर दूसरे मार्ग से भेजा गया।
वरुण गांधी के काफिले को रोकने के दौरान मौके पर कार्यकर्ताओं व पुलिसकर्मियों में कहासुनी भी हुई थी।
आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता ने इस संदर्भ में किए गए सवाल के जवाब में कहा कि भाजपा सांसद वरुण गांधी के काफिले को रोके जाने के सिलसिले में उन्हें जो सूचना मिली है उसके मुताबिक भाजपा नेता अपना काफिला मुस्लिम बाहुल्य इलाके से जाना चाहते थे।
ऐसा होने पर इलाके में गड़बड़ी होने की प्रबल आशंका थी। आईजी एसटीएफ ने इस बात को भी नकारने की कोशिश की कि संबंधित जिले में वरुण गांधी के अलावा किसी अन्य पार्टी या नेता से भी ऐसा ही अंदेशा है।
आईजी ने कहा कि जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा यह कदम अपने स्तर व स्वविवेक से लिया गया था।
बाहरी रास्ते से गुजरा काफिला
पूर्व विधायक भगौती प्रसाद के गांव से निकलकर वरुण गांधी का काफिला बहराइच पहुंचा लेकिन यहां काफिले को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कई जगह पर पुलिस और कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प भी हुई।
वरुण के काफिले को शहर के बाहरी रास्ते से पार्टी के नेता हरीशचंद्र के आवास भेज दिया गया। इसके बाद राष्ट्रीय महासचिव ने बुद्धा रिजॉर्ट में कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। नोंकझोंक और तनाव के बीच वरुण का दौरा निपटा।