आखिरकार भाजपा के फायरब्रांड नेता वरुण गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी के बयान पर चुप्पी तोड़ दी है। वरुण ने प्रियंका का नाम लिए बगैर हमला बोलते हुए कहा कि मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी न समझा जाए।
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वरुण ने प्रियंका के व्यक्तिगत हमले का जवाब देते हुए कहा कि मैंने किसी पर निजी हमला नहीं किया है। दूसरे भी निजी हमला करने से बचें।
वरुण ने कहा कि मैंने पिछले 10 साल में कभी किसी पर अमर्यादित टिप्पणी नहीं की है। लिहाजा, मैं चाहूंगा कि राजनीति सामाजिक मुद्दों की हो।
सुल्तानपुर में पर्चा दाखिल करने के बाद अपने समर्थकों के सामने भाषण देते हुए उन्होंने यह भी कह दिया मैं सामान्य परिवार का लड़का हूं, इसलिए मुझे नेता नहीं बेटा मानकर आशीर्वाद दीजिए।
बड़े सलीके से दे दिया जवाब
वरुण गांधी को लोग जिस रूप में अक्सर देखते आए हैं, उस छवि को तोड़ते हुए उन्होंने बेहद सलीके से अपनी बहन प्रियंका को नसीहत दे डाली।
उन्होंने कहा कि मैं परिवार को शत्रु नहीं मानता हूं। वरुण ने यह भी कहा कि राजनीति में आते वक्त ही यह तय कर लिया था कि परिवार के खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा।
इस मौके पर वरुण ने इमोशनल अपील भी की। उन्होंने कहा कि मुझे मेरे पिता संजय गांधी की बहुत याद आ रही है। वरुण ने बताया कि उनके पिता का सपना बहुत बड़ा था, जिसे उन्हें पूरा करना है।
वरुण ने यह भी कहा कि देश का रास्ता ही मेरा रास्ता है।
अपनी बात का पक्का हूं मैं
वरुण ने इस बाबत एक पत्र भी लिखा और उन्होंने अपने मन की सारी बात कह डाली। उन्होंने भाषण के दौरान कहा कि हम लोग रिश्तों में विश्वास करते हैं, इसलिए परिवार के खिलाफ नहीं बोलूंगा।
वरुण ने यह भी ऐलान कर दिया कि हमेशा की तरह वो अपनी वादे पर कायम हैं और उसके मुताबिक वह अपने परिवार के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि मैं अमेठी और रायबरेली में प्रचार नहीं करूंगा, और मैं अपनी बात का पक्का हूं।
वरुण ने मोदी की तारीफ में भी कसीदे पढ़े और कहा कि इस देश को मोदी जैसे नेता की जरूरत है। उन्होंने राहुल और प्रियंका पर जरूर हमला बोला और कहा कि नेता के बेटे-बेटियों से देश नहीं बढ़ता।
सुल्तानपुर में दाखिल किया पर्चा
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व सुल्तानपुर से प्रत्याशी वरुण गांधी ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।
वह जिले के 10 दिवसीय दौरे पर सोमवार को सुल्तानपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि उनकी खामोशी को कमजोरी समझने की भूल न करें।
अमहट स्थित हवाई पट्टी पर अपने विशेष विमान से उतरने के बाद वरुण गांधी सीधे अपने शास्त्रीनगर स्थित आवास पर पहुंचे।
आवास पर पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर नामांकन तैयारियों की जानकारी ली, उसके बाद करीब 12 बजे वरुण गांधी नामांकन के लिए शास्त्रीनगर स्थित अपने आवास से पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ निकले।
पर, वरुण पर फिर बरसीं प्रियंका
वरुण की इमोशनल स्पीच पर प्रियंका गांधी ने फिर हमला बोला है। भले ही वरुण कह रहे हों कि वह परिवार के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे, लेकिन प्रियंका उन्हें शायद मजबूर कर रही हैं।
वरुण के बयान के ठीक बाद उस पर अमेठी में प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका ने कहा कि वरुण ने परिवार के साथ विश्वासघात किया है।
अब देखना यह है कि जवाब वरुण देते हैं या उनकी मां मेनका गांधी, जिन्होंने पहले भी प्रियंका की नसीहत का करारा जवाब दिया था।
महज ढाई मिनट की इस वीडियो क्लिप में पहली बार प्रियंका गांधी को अपने चचेरे भाई वरुण गांधी पर हमला बोलते हुए देखा गया।
वह पार्टी कार्यकर्ताओं से कह रही हैं कि यह सच है कि वरुण उनके छोटे भाई हैं, लेकिन वह अपनी राह से भटक गए हैं। अब ये लोगों की जिम्मेदारी है कि उन्हें वापस सही राह पर लाएं।
यह मीटिंग बंद दरवाजों में मुंशीगंज के गेस्ट हाउस में हुई थी। इसमें प्रियंका ने यह भी कहा कि भले ही वो मेरे भाई हैं और सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन आप उन्हें गांधी मत समझिए।
गांधी परिवार ने देश के लिए अपना खून बहाया है। उन्हें यह समझना होगा कि राजनीति तोड़ने वाली नहीं हो सकती, इससे लोगों को जोड़ना जरूरी है।