पुलिस मुठभेड़ में पुलिस कर्मी की सर्विस पिस्टल लूट की घटना का खुलासा करने वाली टीम और वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश की डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान ने सराहना की है। उन्होंने आपरेशन पाताल लोक को अंजाम देने वाली टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
डीजीपी ने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश है, यहां अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। मैं यूपी की जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाता हूं। 8 नवंबर को वाराणसी के रोहनियां थाना क्षेत्र में सब इंस्पेक्टर अजय यादव को गोली मारकर बदमाश सर्विस पिस्टल लूट ले गए थे। सोमवार को तड़के लूट की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों रजनीश और मनीष को वाराणसी पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। बदमाशों का एक साथी फरार बताया जा रहा है।
डीजीपी ने कहा कि हमारे बहादुर सब इंस्पेक्टर अजय यादव को गोली मारकर उसका सर्विस पिस्टल लूटने वाले एनकाउंटर में मारे गए हैं। वाराणसी के पुलिस आयुक्त और उनकी टीम ने बेहतरीन काम किया है। दरोगा की लूटी गई पिस्टल बरामद कर ली गई है। उन्होंने बताया कि हमने तय कर लिया था कि उन बदमाशों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे। इसके लिए आपरेशन पाताल लोक चलाया गया था। डीजीपी ने कहा कि मारे गए दोनों बदमाश बिहार जिले के समस्तीपुर के रहने वाले हैं और दोनों सगे भाई हैं।
इन बदमाशों का एक अन्य भाई लल्लन मौके से फरार हो गया। डीजीपी ने बताया कि तीनों बदमाश बिहार ज्यूडिशियल कस्टडी से भागे थे। ये बदमाश बिहार में दो पुलिस कर्मियों की हत्या कर सरकारी असलहे लूट चुके हैं। इसके अलावा दो बैंक डकैती के दौरान इन बदमाशों ने पांच आम नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया था। यह तीनों बिहार की राजधानी पटना से ज्यूडिशियल कस्टडी से फरार हो गए थे। डीजीपी ने बताया कि हमने रणनीति के तहत इन बदमाशों को वाराणसी से निकलने नहीं दिया।
2017 बैच के सब इंस्पेक्टर इनाम स्वरूप दिया गया थाने का चार्ज
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने इस आपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले 2017 बैच के दो युवा सब इंस्पेक्टर को ईनाम स्वरूप थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें बृजेश मिश्रा को थानाध्यक्ष चितईपुर और राजकुमार पांडेय को थानाध्यक्ष लोहता के पद पर तैनाती दी गई है।