लखनऊ। राजधानी में जल्द ही ऐसा हरित स्थल विकसित होगा, जहां तिरंगे के रंगों में प्रकृति सांस लेती नजर आएगी। वन विभाग शहीदों और वीरों की स्मृति में तिरंगे के आकार की वंदे मातरम वाटिका स्थापित करने जा रहा है। करीब 6000 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित होने वाली इस विशेष वाटिका में लगभग पांच हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी में 11 वन और वाटिकाओं की स्थापना की जाएगी। इनमें करीब 35 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इस अभियान के तहत शहीदों को समर्पित विशेष वंदे मातरम वाटिका भी विकसित की जा रही है।
वाटिका का निर्माण मियावाकी पद्धति से किया जाएगा। इसमें 30 से 40 प्रजातियों के देशी पौधे, झाड़ियां और लताएं लगाई जाएंगी। पौधों को तीन लेयर में रोपा जाएगा। पहली लेयर केसरिया, दूसरी सफेद और तीसरी हरे रंग की होगी। तीनों लेयर में अलग-अलग तरह के पौधे और फूल होंगे, जिससे पूरी वाटिका तिरंगे का स्वरूप प्रस्तुत करेगी। (संवाद)
बीबीएयू में ऑक्सीवन, मलिहाबाद में बनेंगे कपि वन
डीएफओ ने बताया कि बीबीएयू में ऑक्सीवन विकसित किया जाएगा। मलिहाबाद में कपि वन बनाया जाएगा, जबकि पूर्व सैनिकों और महिलाओं को समर्पित ऊर्जा एवं शक्ति वन भी विकसित होंगे। सरोजनीनगर में औषधि वन और कुकरैल में शौर्य वन स्थापित किया जाएगा। रामलीला मैदान रेंज में प्रदेश के विकास को समर्पित समृद्धि वन विकसित होगा। इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे मियावाकी पद्धति से करीब 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। कुकरैल वनक्षेत्र के आसपास वंदे मातरम वाटिका विकसित करने की तैयारी है।
वन्यजीवों के लिए बनेंगे विशेष वन
वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष वन भी तैयार किए जाएंगे। इनमें फलदार, इमारती लकड़ी और औषधीय पौधों का रोपण होगा। आम, जामुन, महुआ, अश्वगंधा, गिलोय, पीपल, पाकड़ और बरगद समेत छायादार पौधे लगाए जाएंगे। सभी वन और वाटिकाओं में आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी तथा देखरेख के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति भी होगी।
28 नर्सरी में तैयार हो रहे 35 लाख पौधे
पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 25 जून से विशेष पौधरोपण अभियान शुरू होगा। इसके लिए राजधानी की 28 नर्सरियों में 35 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इनमें शीशम, सागौन, इमारती लकड़ी और विभिन्न फलदार प्रजातियों के पौधे शामिल हैं।