सीढ़ी रखकर रास्ता रोकते प्रदर्शनकारी।
लखनऊ। ऐशबाग क्षेत्र में तीन दिन और दो रातों से बिजली कटौती झेल रहे लोगों का गुस्सा शुक्रवार रात 12 बजे उपकेंद्र पर फूट पड़ा। करीब 300-400 लोग उपकेंद्र में घुस गए और ऑपरेटर को पीटने के साथ तोड़फोड़ की। यह देख जेई, एसडीओ भाग गए। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। ऑपरेटर की तहरीर पर उपद्रवियों के खिलाफ बाजारखाला कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।
उपकेंद्र का पावर ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से ऐशबाग इलाके के करीब 10 हजार उपभोक्ता एक जुलाई से बिजली कटौती झेल रहे थे। शनिवार रात इनका सब्र जवाब दे गया। रामनगर, धोबीघाट, जल संस्थान, खजुआ, पीली कॉलोनी सहित आसपास के लोगों ने सड़क पर सीढ़ी रखकर आवागमन ठप कर दिया। इसके बाद उपकेंद्र में घुसे और ऑपरेटर आनंद वर्मा की पिटाई कर दी। उसने खुद को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया और अधीक्षण अभियंता केके चौधरी को फोन कर जानकारी दी। इस पर वह उपकेंद्र पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने उपकेंद्र का गेट, मेज-कुर्सी सहित अन्य सामान तोड़ने के साथ शिकायत लॉगशीट को भी फाड़ दिया।
प्रदर्शनकारी बंद फीडर चालू करने की कोशिश करने लगे तो ऑपरेटर ने बाहर आकर उन्हें रोका। इसी बीच पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को भगाया। उपकेंद्र पर रात एक बजे तक बवाल चला। इस कारण जिन उपभोक्ताओं की बिजली चालू थी, वह भी बंद हो गई। अधिशासी अभियंता आनंद प्रकाश ने बताया कि तोड़फोड़ करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
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बार-बार ट्रिपिंग से ग्रामीण बेहाल
नगराम। समेसी उपकेंद्र की ट्रिपिंग के कारण बार-बार बिजली जाने से ग्रामीण बेहाल हैं। अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से लाइनों पर ज्यादा लोड पड़ रहा है। इस कारण बार-बार ट्रिपिंग हो रही है।