राफ्टर मशीन लगाकर बच्ची को खोजा रहा है।
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राजधानी लखनऊ के वजीरगंज के मल्लाही टोला में बुधवार को बारिश के दौरान नाले में गिरी सात साल की नशरा का 48 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस व एसडीआरएफ नदी में और नगर निगम की टीमें नाले में उसे ढूंढ रही हैं।
नशरा की मां का कहना है कि जहां पर बच्ची नाली में गिरी थी उसी के पास में एक चैंबर भी है। एक बार मेरी तसल्ली के लिए वहां भी देख लें। कई बार बोला है पर मेरी बात नहीं नहीं सुनी जा रही है। आज पड़ोस के लोग सभी लोग नाले के पास आकर बार-बार देखते हैं किसी उम्मीद में कि आखिर बच्ची गई तो कहां गई।
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इसके पहले, बृहस्पतिवार सुबह से शहीद स्मारक के पास गोमती में तलाश में जुटी एसडीआरएफ की टीम के साथ एक दरोगा और बच्ची के परिजन थे। पूरे दिन सर्च ऑपरेशन चला, पर सफलता न मिली। टीम के कुछ लोग मास्क लगाकर घटनास्थल के पास नाले में 20 मीटर तक अंदर भी गए पर बच्ची का पता नहीं चला।
हर किसी से बेटी के बारे में ही पूछ रही मां
नशरा के नाले में गिरने के बाद से रो रहीं मां रोशन और पिता इरफान की आंखें पथरा गई हैं। रोशन हर किसी से बेटी के बारे में ही सवाल कर रही हैं। आस-पड़ोस की महिलाएं उन्हें तसल्ली दे रही हैं। मोहल्लेवालों ने उनकी बड़ी बेटी नाजिया व सबसे छोटे बेटा अयान को खाना खिलाया। लोगों ने रात में रोशन व इरफान को भी खाना लाकर दिया, पर दोनों ने इसे खाने से इनकार कर दिया। बृहस्पतिवार दोपहर गोमती के किनारे इरफान की आंखें सिर्फ अपनी छोटी बेटी को ढूंढ रही थीं। दोपहर के वक्त नाजिया ने उनसे नशरा को लेकर पूछा तो इरफान ने बिना कुछ जवाब दिए उसे गले से लगा लिया।
राफ्टर मशीन, ड्रोन मैन को बुलाया
एडीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि नाले में बच्ची की तलाश के लिए नगर निगम की टीम राफ्टर मशीन का इस्तेमाल कर रही है। रिमोट से चलने वाली इस वाटरप्रूफ मशीन के आगे कैमरा लगा होता है। ड्रोन मैन मिलिंद राज को भी मदद के लिए बुलाया गया। उनके पास मौजूद हाईटेक वाटरप्रूफ ड्रोन से बच्ची की तलाश की जा रही है। एडीसीपी ने बताया कि घटनास्थल पर तलाशने के बाद टीम आगे बढ़ी और नाले के खुले स्थान पर राफ्टर व ड्रोन से तलाश की।