राजधानी में बच्चों के टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। हालांकि, पोषणयुक्त आहार की तस्वीर अभी भी खराब है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 की ओर से बीते सप्ताह जारी रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ में 12 से 23 महीने के 87.8 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण पूरा हो चुका है। हालांकि, पर्याप्त विविध आहार लेने वाले बच्चों का आंकड़ा सिर्फ 20.1 फीसदी ही है।
पांच साल पहले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 में लखनऊ में टीकाकरण का आंकड़ा 68.9 प्रतिशत था। यानी पूर्ण टीकाकरण में 18.9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। बच्चों के लिए पर्याप्त विविध आहार का आंकड़ा भी सर्वेक्षण-5 के मुकाबले बेहतर हुआ है, लेकिन अभी भी इसमें काफी सुधार की जरूरत है। सर्वेक्षण 5 में छह से 23 महीने की उम्र के बच्चों में पर्याप्त आहार पाने वालों का आंकड़ा केवल 2.3 फीसदी था। इस लिहाज से इसमें काम हुआ है। प्रदेश के 75 जनपदों में इस मामले में लखनऊ 21वें स्थान पर था।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष उपाध्याय के मुताबिक पर्याप्त विविध आहार का मतलब भोजन में चार खाद्य समूहों का शामिल होना है। ये खाद्य समूह- अनाज, दालें, फल-सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ हैं।
पोषण संकेतकों में चिंताजनक स्थिति: बच्चों के पोषण की तस्वीर सुधरी नहीं है। पांच साल में बौनापन 32.1 फीसदी से घटकर 31 फीसदी हुआ है। कम वजन वाले बच्चों का प्रतिशत 25.5 से 27.8 हो गया है। वेस्टिंग (लंबाई के अनुपात में वजन) का आंकड़ा भी 11.5 फीसदी से 14.6 फीसदी हो गया है।