फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीबी मरीज की जानकारी नहीं देने पर होगी दो साल की सजा : स्वास्थ्य मंत्री

Thu, 22 Mar 2018 11:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

टीबी मरीज की जानकारी न देने पर दो साल की सजा का प्रावधान किया गया है। संसद ने इसके लिए बुधवार को एक्ट को मंजूरी दे दी। अब निजी अस्पतालों, क्लीनिक और दवा विक्रेताओं को टीबी मरीजों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी बृहस्पतिवार को चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बापू भवन में पत्रकारों को दी।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि टीबी से सबसे अधिक भारत में मौतें होती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक टीबी के सफाए का लक्ष्य रखा है। इसे प्राप्त करने करने में यूपी की बड़ी भूमिका है। इसके लिए ‘टीबी वर्सेस यूपी’ का नारा दिया गया है। विश्व टीबी दिवस पर 24 मार्च को होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि आरएनटीसीपी (पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम) के तहत प्रदेश में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें चिह्नित क्षेत्रों में संदिग्ध मरीजों की पहचान करके उसे जांच और इलाज के लिए भेजा जा रहा है। कुल तीन चरणों में 10,159 मरीजों की पहचान करके उनका इलाज शुरू कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे चल रहा अभियान
- स्टेट टीबी सेल
- टीबी एंड डिमांस्ट्रेशन सेंटर
- लखनऊ व आगरा में आईआरएल
- 05 कल्चर डीएसटी लैब

- 16 नोडल टीबी क्लीनिक
- 76 सीबी नैट मशीन, एमडीआर जांच के लिए
- 993 टीबी यूनिट
- 2020 बलगम जांच केंद्र

- 67422 मरीज निजी क्षेत्र के पंजीकृत (2017)
- 247449 मरीज सरकारी क्षेत्र के पंजीकृत
- 9138 एमडीआर-एक्सडीआर टीबी मरीज

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें