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यूपी: गलत बिलिंग करने पर होगी कड़ी कार्रवाई, राजधानी व आसपास के जिलों में ट्रिपिंग की शिकायत से मंत्री नाराज

Tue, 11 Aug 2020 11:09 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : ट्विटर
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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए लाइन हानियां 15 फीसदी से नीचे लाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों को 24 घंटे आपूर्ति के लिए महाभियान चला रही है। सांसदों-विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इसके लिए आगे आना होगा। हर जिले में 60-60 फीडर निगरानी के लिए चुने गए हैं। 
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उन्होंने सांसदों और विधायकों से अपील की कि वे भी 10-10 फीडरों की निगरानी का जिम्मा लेकर इस अभियान का हिस्सा बनें। ऊर्जा मंत्री ने सोमवार को लखनऊ, कानपुर, झांसी व चित्रकूट मंडल की बिजली व्यवस्था की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। 

गलत रीडिंग पर बिलिंग की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, कानपुर देहात, कानपुर, कन्नौज, औरैया, झांसी, चित्रकूट ललितपुर व बांदा में कुछ स्थानों पर गलत बिलिंग व टेबल बिलिंग की शिकायतों की जांच के निर्देश दिए। 
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उन्होंने संबंधित बिलिंग एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर कराने व अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। शर्मा ने कहा, जहां शटडाउन के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, ऐसे सभी जिलों में अतिरिक्त समय में बिजली देकर रोस्टर का अनुपालन कराया जाए। 

राजधानी समेत आसपास के जिलों में ट्रिपिंग की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराने को कहा। उन्होंने एमडी मध्यांचल से इस संबंध में तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है।

चारों मंडलों में ट्रांसफार्मर फुंकने व समय से न बदलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में लापरवाही की शिकायत आई है। खासकर झांसी व चित्रकूट मंडल के जिलों में एमडी जांच करा लें। कहीं भी दो बार से ज्यादा ट्रांसफार्मर फुंका है तो उसकी जांच करवाकर जवाबदेही तय की जाए। 

लगातार ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायत पर उन्होंने झांसी वर्कशॉप की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सौभाग्य फेज 2 व फेज 3 में जो भी काम चल रहे हैं, उनकी गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जाए। एमडी इसकी खुद निगरानी करें। लखनऊ, हरदोई, कानपुर व झांसी में औद्योगिक फीडरों की भी समीक्षा की जाए। 

आपूर्ति में कहीं भी कोई ढिलाई न बरती जाए। सभी अधिकारी सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतों को सुनें और 1912 की शिकायतों व टेलीफोन पर आने वाली शिकायतों को भी तेजी से निस्तारित करें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संबंधित जिलों के सांसदों-विधायकों के साथ-साथ बिजली निगमों के जूनियर इंजीनियर स्तर तक के अधिकारी शामिल रहे।
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विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने भी की समीक्षा

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को शक्ति भवन में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व  पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार तथा प्रबंध निदेशक एम. देवराज के साथ बैठक कर केंद्र के सहयोग से चल रही योजनाओं की समीक्षा की। 

सूत्रों के अनुसार बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश में कराए गए कार्यों के एवज में केंद्र से मिलने वाली राशि को लेकर विचार-विमर्श किया गया। आत्मनिर्भर भारत के तहत के बिजली उत्पादन कंपनियों के भुगतान के लिए विद्युत वित्त निगम (पीएफसी) व ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) से मिलने वाले ऋण को लेकर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार के मुताबिक बैठक में सामान्य मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
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