साल 2018 में प्रकाशित पुस्तकों की समीक्षा करने के बाद शुक्रवार को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा दिए जाने वाले बहुप्रतीक्षित पुरस्कारों की घोषणा की गई। उप्र हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सदानन्द प्रसाद गुप्त की अध्यक्षता में पुरस्कार समिति ने पटना की लेखिका डॉ. उषा किरन खान को पांच लाख रुपये की राशि के साथ भारत-भारती पुरस्कार से नवाजा।
वहीं दूसरे स्थान पर पटियाला के मनमोहन सहगल को चार लाख रुपये के उपहार के साथ लोहिया साहित्य सम्मान से पुरस्कृत किया गया। तीसरे नंबर पर हिंदी गौरव सम्मान के पाने वाले बनारसी लेखक डॉ. बदरी नाथ कपूर का नाम रहा।
2018 में प्रकाशित पुस्तकों को चयनित कर के कुल 21 श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया है। पुरस्कृत किताबों के लेखकों को उप्र हिंदी संस्थान की ओर से एक से पांच लाख तक की सम्मान राशि दी जाएगी। वहीं महाकाव्य, कविता, नाटक, उपन्यास, आलोचना व अन्य विधाओं में 75 हजार रुपये की इनाम राशि के लिए 38 लेखकों के नाम की घोषणा की गई है।
इसी तरह 40 हजार रुपए का पुरस्कार राशि वाले सर्जना पुरस्कार के भी अलग-अलग विधाओं के 38 लेखकों का चयन किया गया है। इसके साथ ही गाजीपुर की युवा लेखिका रश्मि शाक्य को 25 हजार रुपये की धनराशि के साथ हरिवंश राय बच्चन युवा गीतकार सम्मान से नवाजा गया।
यहां देखें पुरस्कृत लेखकों की पूरी लिस्ट-