छात्र-छात्राओं के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
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भारत मेडिकल टूरिज्म के रूप में विकसित हो रहा है। यहां इलाज कराने के लिए विदेश से भी लोग आ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। स्वास्थ्य सभी का संवैधानिक अधिकार है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने 75 नए मेडिकल कॉलेजों को हरी झंडी दी है, जिसमें 14 उत्तर प्रदेश के हैं।
उन्होंने सियासी अंदाज में कहा कि आजादी के बाद स्वास्थ्य शिक्षा, शौचालय की दिशा में ध्यान नहीं दिया गया। करीब 60 साल बाद एक नई शुरुआत हुई है। स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता के प्रति जागरुकता अभियान चल रहा है। फिटनेस और योग पर जोर है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का संदेश वीडियो के जरिए सुनाया गया। उन्होंने कहा कि वह जरूरी काम से दिल्ली लौट गए हैं। डिग्री पाने वाले मेडिकल छात्रों को बधाई दी।
चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने भी डिग्री प्राप्त करने वाले मेडिकल छात्रों का हौसला बढ़ाया। मुख्य सचिव अनूप चंद पांडेय, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने संस्थान की उपलब्धियां गिनवाईं।
डिग्री लेने के बाद विद्यार्थी।
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दीक्षांत समारोह में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मरीज बड़ी उम्मीद के साथ डॉक्टर के पास आते हैं। भले ही 50 की जगह 200 मरीजों की भीड़ हो, लेकिन चिकित्सक बिना झुंझलाहट मरीज के सिर पर हाथ भरा रख दे तो उसकी आधी बीमारी दूर हो जाती है। इसलिए चिकित्सक को विनम्रता के साथ परोपकार की इच्छा शक्ति दिखानी चाहिए। काम का बोझ होने के बाद भी संवेदनशील बने रहें, जिसका फायदा चिकित्सक ही नहीं बल्कि देश और समाज को भी मिलेगा।