एक भी योजना में यूपी को अवॉर्ड न मिलने पर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन उनकी टीस जरूर सामने आई। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए नगर विकास मंत्री ने कहा कि 2015 में लागू तीनों योजनाओं पर तत्कालीन सपा सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। इसलिए यूपी में तीनों योजनाओं का क्रियान्वयन उस गति से नहीं हो पाया, जिसकी जरूरत थी।
सपा सरकार के कार्यकाल (2015 से मार्च 2017) में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मात्र 11 हजार मकान ही स्वीकृत हुए थे। जबकि डेढ़ साल में योगी सरकार ने 4.12 लाख से अधिक मकान स्वीकृत किए हैं। इसी तरह अमृत योजना के लिए अब तक 6500 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भी काम काफी तेजी से शुरू हुआ है। उन्होंने महापौर और नगर आयुक्तों से अपील करते हुए कहा कि अपने निकायों का संसाधन बढ़ाने पर फोकस करें, ताकि योजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, बिहार, कर्नाटका, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्रा, मिजोरम, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडू, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पुडुचेरी व चंडीगढ़।
इन स्मार्ट शहरों को इस सेक्टर में मिला है अवार्ड
स्मार्ट सिटी श्रेणी
अहमदाबाद इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम व वाटर सप्लाई एंड सेनिटेशन
भोपाल कल्चरल एंड अर्बन एन्वायरमेंट व साइकिल उपयोग
कोयम्बटूर एप बेस अर्बन एन्वायरमेंट
जबलपुर स्मार्ट क्लासरूम, 18 हजार घरों को बिजली आपूर्ति
जयपुर कल्चरल इकोनॉमी
नई दिल्ली ट्रांसफारमेंशन एंड स्मार्ट क्लास रूम
सूरत इंटेलीजेंट ट्रांजिट सिस्टम
विशाखापट्टनम स्मार्ट क्लास रूम