लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह अपने सरकारी आवास से नगर निगम के बेहतर कूड़ा प्रबंधन के लिए पर्यावरण अनुकूल हरित ऊर्जा से संचालित 250 इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने जब राजनीतिक कचरे को हटाकर बदलाव की नींव रखी, उसी का परिणाम है कि स्वच्छता के क्षेत्र में डबल इंजन सरकार की ओर से शुरू किए गए प्रयास सफल रहे और रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन जैसी व्यवस्था सामान्य लगती है, लेकिन 2017 से पहले इसकी सोच भी नहीं थी। सत्ता में बैठे लोगों के कारनामे भी कूड़े से भरे थे। अव्यवस्था और गंदगी का परिणाम इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आता था, जिसने उत्तर प्रदेश को बुरी तरह प्रभावित किया। जो राज्य विकास और विरासत का नेतृत्व कर सकता था, वह खुद बीमारू बन गया था, जहां मासूमों की असमय मौतें होती थीं। उस दौर में संवेदनहीनता और उपेक्षा हावी थी, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
हमने बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ कूड़े से उत्पन्न समस्याओं का भी समाधान किया है। जहां स्वच्छता होगी, समृद्धि भी वहीं आएगी। इस अवसर पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, जय देवी, विधान परिषद के सदस्य इंजीनियर अवनीश कुमार, मुकेश शर्मा, पवन सिंह चौहान, रामचंद्र प्रधान, लालजी प्रसाद निर्मल और नगर आयुक्त गौरव कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
लखनऊ बन रहा क्लीन सिटी और ग्रीन सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पिछले दिनों सांसद राजनाथ सिंह ने 200 से अधिक ऐसे वाहनों को हरी झंडी दिखाई थी। अब 250 नए वाहन हर वार्ड में लगाए जा रहे हैं, जिससे घर-घर कूड़ा प्रबंधन को और सशक्त किया जाएगा और शहर को क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नव निर्माण के 9 वर्षों में आज हमारा लखनऊ स्वच्छता रैंकिंग में देश के टॉप-3 शहरों में शामिल हुआ है। अब इस उपलब्धि को नई ऊंचाई देने के लिए हम नेट जीरो लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जहां कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम हो और प्रदूषण रहित व्यवस्था विकसित हो। इसी दिशा में ई-वाहनों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल है, जो स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव रखेगी।
अब बाहर से आने वाले लोग लखनऊ की सुंदरता की करते हैं सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में आप कहीं भी जाएं, एलईडी स्ट्रीट लाइटों की दूधिया रोशनी से पूरा शहर जगमगाता दिखाई देता है। नगर निगम ने भी स्पाइरल लाइट लगाकर शहरों को और सुंदर बनाया है। रात में सड़कों पर सुरक्षित और आकर्षक वातावरण दिखता है। लखनऊ आने वाले लोग अब इसकी खूबसूरती की सराहना करते हैं। जहां 2017 से पहले अंधेरा, असुरक्षा और सफाई की कमी महसूस होती थी, आज वही शहर रोशनी, स्वच्छता और व्यवस्थित विकास का उदाहरण बन गया है। 9 वर्षों में लखनऊ ने स्वच्छता रैंकिंग के साथ-साथ हर क्षेत्र में विकास की नई ऊंचाइयां हासिल की हैं।
टाटा की इलेक्ट्रिक बस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट 15 से होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में अशोक लीलैंड की इलेक्ट्रिक बस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू हो चुकी है। 15 अप्रैल से टाटा की लखनऊ स्थित ऑटोमोबाइल यूनिट में भी ई-वाहन निर्माण को आगे बढ़ाया जाएगा। यह दर्शाता है कि सही दिशा में पहल होने पर निवेशक स्वतः आकर्षित होते हैं और विकास को गति मिलती है।
सीएम ने वाहनों को किया रवाना।
सीएम ने वाहनों को किया रवाना।
सीएम ने वाहनों को किया रवाना।
सीएम ने वाहनों को किया रवाना।