सभा में एक लाख लोगों को लाने का लक्ष्य
पीएम के कार्यक्रम में लगने वाली लखनऊ परिक्षेत्र की बसें करीब 24,000 कार्यकर्ताओं को बसंतकुंज स्थित आयोजन स्थल पर पहुंचाएंगी। सूत्रों का कहना है कि रैली में एक लाख लोगों को बसों के जरिये लाने का लक्ष्य है। इसीलिए लखनऊ के अलावा अन्य जिलों को मिलाकर करीब ढाई हजार बसें रैली में ड्यूटी करेंगी।
इन आठ रूटों पर संचालन होगा बाधित
रोडवेज से जुड़े सूत्र बताते हैं कि लखनऊ परिक्षेत्र की आधी बसों के रैली में जाने से आठ रूटों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को स्टेशनों पर अधिक इंतजार करना पड़ेगा। प्रभावित होने वाले रूटों में लखनऊ से सीतापुर, लखीमपुर, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, प्रयागराज, गोंडा, गोरखपुर प्रमुख हैं।
ऑफरूट बसों को निकालने का दावा
रोडवेज अफसरों का दावा है कि ऑफरूट बसों यानी डिपो में खड़ी रहने वाली बसों को सड़कों पर उतारकर यात्रियों को राहत दी जाएगी। प्रदेशभर में औसतन 2400 बसें प्रतिदिन डिपो में खड़ी रहती हैं। चालकों की कमी या मरम्मत के अभाव में इन बसों का संचालन नहीं हो पाता है।
अधिकारियों की दलील है कि इन बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा, जिससे राहत मिलेगी। हालांकि, जब पर्याप्त संख्या में चालक नहीं होंगे, बसें ठीक नहीं होंगी तो उन्हें कैसे सड़कों पर उतारा जाएगा, इस सवाल का जवाब अफसरों के पास नहीं है।
इन जिलों की बसें भी रैली में करेंगी ड्यूटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में प्रदेश भर से करीब ढाई हजार बसों की ड्यूटी लगाई जाएगी। अफसरों के अनुसार इसमें लखनऊ परिक्षेत्र की 400 बसों के अतिरिक्त हरदोई की 350, इटावा की 200, देवीपाटन की 300, कानपुर की 350, गोरखपुर की 200, प्रयागराज की 200, अयोध्या की 150 व वाराणसी की 100 बसें प्रमुख रूप से लगाई जाएंगी।
रोडवेज के प्रवक्ता अमरनाथ सहाय ने बताया कि 25 दिसंबर को लखनऊ में होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में प्रदेशभर से ढाई हजार बसों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इसमें लखनऊ परिक्षेत्र की 400 बसें भी शामिल हैं। किसी भी रूट पर बसों की कमी नहीं होनी दी जाएगी। इसके लिए चालकों की संख्या बढ़ाकर ऑफरूट बसों को भी संचालित किया जाएगा।