मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र पहनकर तीर्थंकर शीतलनाथ भगवान का अभिषेक किया और विश्व शां
लखनऊ। जैन मंदिरों में इस दिनों दशलक्षण पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंगलवार को आंतरिक आसक्तियों, इच्छाओं और मोह का परित्याग करने के उद्देश्य से उत्तम त्याग धर्म का संकल्प लिया गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र पहनकर तीर्थंकर शीतलनाथ भगवान का अभिषेक किया और विश्व शांति मंत्र उच्चारण के साथ शांति धारा की। शांति धारा के उपरांत जैन महिलाओं ने भक्ति भाव से आरती और भक्ति नृत्य भी किया। इस दिन विशेष रूप से भगवान शीतलनाथ की धूप दशमी के दिन पूजा अर्चना की और अष्ट कर्मों के नाश की भावना के साथ ओम श्री शीतलनाथ जिनेंद्राये अष्ट कर्म धूपम निर्वामपति स्वाहा... का मंत्र जाप किया। अखिल भारतीय युवा परिषद दिगंबर जैन महासमिति के मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि चौक, याहियागंज, सहादतगंज, चारबाग, ऐशबाग, अमीनाबाद, गोमती नगर, आशियाना, गुडंबा और डालीगंज में स्थित जैन मंदिरों में पूजन के साथ ही शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इंदिरा नगर जैन मंदिर मेें चल रहे दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन मंगलवार को उत्तम संयम धर्म की पूजा हुई। मंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि शुरूआत सुबह भगवान के अभिषेक व शांतिधार कार्यक्रम से हुई। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भक्ति नृत्य किया। सुगंध दशमी पर्व के अवसर पर भगवान शीतलनाथ का पूजन व कथा वाचन हुआ। इस मौके पर रूबी दीदी, अभय, पवन, रोहित, शशि, सुदीप, रीना आदि मौजूद रहे। आशियाना के जैन मंदिर में शांतिधारा का सौभाग्य जैन महिला मंडल को प्राप्त हुआ। अभिषेक करने का पुण्य पुनीत जैन, अभिषेक जैन, डॉ. अभय जैन, चंद्रप्रकाश, बृजेश समेत शरद को मिला।
मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र पहनकर तीर्थंकर शीतलनाथ भगवान का अभिषेक किया और विश्व शां