कानपुर रोड और गोमती नगर योजना में वेबसाइट टेंपरिंग कर घोटाले का मामला सामने आने के बाद एलडीए ने डाटा अपलोडिंग की व्यवस्था में व्यापक फेरबदल कर दिया है।
उम्मीद की जा रही है कि एलडीए की वेबसाइट में दर्ज किए जाने वाले आंकड़ों में फेरबदल करना संभव नहीं होगा। खास बात है कि अभी तक अपलोडिंग में सक्षम 150 बाबुओं को अलॉट यूजर, आईडी और पासवर्ड खत्म कर दिए गए हैं।
अब सिर्फ इस काम को कंप्यूटर सिस्टम विभाग के पांच कर्मचारी ही देखेंगे, जिन्हें नए सिरे से यूजर-आईडी एलॉट की जाएगी।
प्राधिकरण में कानपुर रोड योजना और गोमती नगर योजना में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें बाबुओं ने प्राधिकरण की वेबसाइट में टेंपरिंग कर के बदलाव किया था।
ये दोनों मामले पकड़ में आ गए। दरअसल अभी तक एलडीए की वेबसाइट में अपलोडिंग बेहद आसान थी। ऐसे में और भी धांधली होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता था।
अब सिस्टम विभाग ने बड़े बदलाव किए हैं। 150 बाबुओं को एलॉट यूजर आईडी और पासवर्ड खत्म करते हुए अपलोडिंग के लिए पांच कर्मचारियों के नाम तय किए हैं।
ये कर्मचारी हैं दिनेश जोशी, रविकांत श्रीवास्तव, दिनेश मिश्र, रवीश आनंद और रेखा दोहरे हैं। इन सभी कर्मचारियों के बीच प्राधिकरण की सभी योजनाओं को बांट दिया गया है।
अब जिस भी बड़े बाबू को वेबसाइट पर कोई भी सूचना अपलोड करनी होगी। उससे पहले उसे एक फार्म भरना पड़ेगा। इसके बाद में उस बाबू का प्रभारी अफसर फार्म पर अपनी स्वीकृति देगा।
फार्म प्रोग्रामर अरविंद सक्सेना के पास वापस आएगा। इसके बाद में संबंधित कर्मचारी को यूजर आईडी और पासवर्ड एलॉट कर दिया जाएगा।