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यूएसए में मरीज को बिना इलाज लौटाने पर हो जाती है जेल

Mon, 18 Jan 2016 05:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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यूएसए में ट्रॉमा के मरीज को एक वीवीआईपी की तरह सभी जरूरी प्रोटोकॉल मिलता है। ट्रैफिक में एंबुलेंस से फंसने से बचाने के लिए पुलिस की कार मौजूद होगी। जरूरी होने पर एयर एंबुलेंस (हेलीकॉप्टर) को भी मंगाए जाने की सुविधा रहती है।
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यह जानकारी यूएसए के मैरीलैंड स्टेट में एडम काउली ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी एंड इंजरी प्रिवेंशन विभाग के निदेशक डॉ. मयूर नारायण ने दी। वह रविवार को पीजीआई में सड़क सुरक्षा पर एक सीएमई में मुख्य वक्ता थे।

सर्जन डॉ. नारायण ने बताया कि भारत में ट्रॉमा की व्यवस्था के लिए अमेरिका को कॉपी नहीं किया जा सकता है। यहां संकरी गलियां और खराब ट्रैफिक सिस्टम है। हमें यहां के लिए बाइक पर एंबुलेंस बनानी होगी।
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यहां अलग-अलग आधा दर्जन ट्रॉमा सेंटर नहीं चाहिए। हमें एक ऐसा ट्रॉमा सेंटर चाहिए जो अच्छे सिस्टम से काम करे। ऐसा विशेष हॉस्पिटल जहां ट्रॉमा के मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।
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एक्सीडेंट पर पूरा सिस्टम होता है अलर्ट

यूएसए में कहीं भी क्रैश (सड़क हादसा) हो, 100 नंबर पर की गई एक कॉल पूरे सिस्टम को अलर्ट कर देती है। अगले पांच मिनट में एंबुलेंस पहुंचेगी। मरीज के मिलते ही एंबुलेंस स्टाफ, ट्रॉमा सेंटर को सूचना देगा।

इसके साथ मरीज को लाने की सूचना पुलिस और मीडिया को भी दी जाती है। यह ट्रॉमा सेंटर यूएसए की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड संचालित करती है। इसे केवल ट्रॉमा के केस देखने के लिए ही बनाया गया है।

यहां पुलिस की तरफ से मरीज के लिए एयर एंबुलेंस से लेकर स्पेशलाइज्ड ट्रीटमेंट और पुनर्वास की सुविधा मौजूद है। हमारा काम केवल दुर्घटना का शिकार हुए मरीज को इलाज देना ही नहीं बल्कि उसको पहले की तरह स्वस्थ बनाना भी है जिससे वह पूर्ण क्षमता के साथ काम कर सके। भारत में तो मरीज के पुनर्वास का कॉन्सेप्ट ही नहीं है जबकि यह जरूरी है।

डॉ. नारायण का कहना था कि एक्सीडेंट शब्द उपयोग करते ही ऐसा लगता है कि यह भगवान के चलते हुआ। जबकि यह खराब सड़क, शराब पीकर गाड़ी चलाना, समय पर इलाज नहीं मिलना, गलत इलाज मिलना कुछ भी हो सकता है। इसलिए यूएसए में दो वाहनों के भिड़ने या सड़क दुर्घटना को क्रैश बोलते हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रॉमा के मरीज को बिना इलाज वापस लौटाना यूएसए में क्राइम है। ऐसा एक कानून बनाकर किया गया। डॉ. नारायण का कहना है कि मरीज को बिना वाजिब कारण और हिस्ट्री के लौटा नहीं सकते। इसमें डॉक्टर और संबंधित स्टाफ को जेल भेज दिया जाएगा।

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