संजय गांधी पीजीआई में यूरोलॉजी के छात्रों को इंडोस्कोपी के गुर ‘यूरो मेंटर’(ह्यूमन सिमुलेटर) पर सिखाए जा रहे हैं। ये सिमुलेटर चिकित्सा छात्रों को इंडोस्कोपी में गलती होने पर तुरंत आगाह कर देते हैं।
इस सिमुलेटर का यूरोलॉजी विभाग दो साल से इस्तेमाल कर रहा है। लगभग 80 लाख रुपये के इस सिमुलेटर पर ही एमसीएच के छात्रों को शुरुआत में प्रशिक्षण दिया जाता है। पीजीआई ‘यूरो मीट-द किडनी’ में ये जानकारी प्रो. राकेश कपूर ने रविवार को दी।
पीजीआई निदेशक और यूरोलॉजी विभाग के हेड प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि यूरो मेंटर कोई भी प्रोसीजर करने में छात्रों की परिपक्वता को बढ़ाता है। इससे इलाज करते समय गलतियों की आशंका न के बराबर हो जाती है।
उन्होंने बताया कि यूरोलॉजी की तरह दूसरे विभागों में भी जल्दी ही ह्यूमन सिमुलेटर पर सर्जरी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच करोड़ रुपये के इस सिमुलेटर पर पीजीआई के साथ ही अन्य चिकित्सा संस्थानों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।