उर्दू शिक्षक अभ्यर्थी इरशाद रब्बानी का कहना है कि भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास का दावा करती है, लेकिन 12460 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति दे दी गई, जबकि उर्दू के 4000 शिक्षकों को इसलिए नियुक्ति नहीं दी जा रही है क्योंकि इनमें सर्वाधिक अल्पसंख्यक अभ्यर्थी हैं। प्रत्येक स्तर पर मांग रखने के बाद भी नियुक्ति नहीं दी गई है, जबकि स्कूलों में उर्दू शिक्षक के पांच हजार से अधिक पद खाली हैं।