राज्य सरकार ने सपा शासनकाल में शुरू हुई उर्दू के 4000 सहायक अध्यापकों की भर्ती निरस्त कर दी है। सरकार ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में उर्दू विषय के विद्यार्थी नहीं होने को भर्ती निरस्त होने का कारण बताया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में उर्दू विषय के करीब 87 हजार विद्यार्थी हैं, जबकि उर्दू विषय के16 हजार से अधिक शिक्षक हैं।
शिक्षक छात्र अनुपात के हिसाब से भी छात्रों की तुलना में उर्दू विषय के अध्यापक पहले ही अधिक हैं। विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों की आवश्यकता नहीं होने के कारण 2016 में 4000 पदों के लिए निकाली गई शिक्षकों की भर्ती निरस्त कर दी है।