उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव नवंबर में प्रस्तावित है, लेकिन नए निकायों के गठन और सीमा विस्तार होने की वजह से अभी वार्डों के गठन का काम पूरा नहीं हो सका है। नगर पंचायतों में 10 से 25, पालिका परिषदों में 25 से 55 और नगर निगमों में 60 से 110 वार्ड अधिकतम हो सकते हैं।
निकाय चुनाव के लिए नगर विकास विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नए और सीमा विस्तार वाले निकायों से वार्डों में रैपिड सर्वे यानी पिछड़ों की गिनती का काम पूरा कराते हुए 20 अक्तूबर तक रिपोर्ट निकाय निदेशालय को अनिवार्य रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
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सूत्रों के अनुसार प्रदेश में निकाय चुनाव नवंबर में प्रस्तावित है, लेकिन नए निकायों के गठन और सीमा विस्तार होने की वजह से अभी वार्डों के गठन का काम पूरा नहीं हो सका है। नगर पंचायतों में 10 से 25, पालिका परिषदों में 25 से 55 और नगर निगमों में 60 से 110 वार्ड अधिकतम हो सकते हैं। जिन नए निकायों में वार्डों के गठन का काम पूरा हो गया है, वहां पिछड़ों की गिनती का काम जल्द पूरा करने को कहा गया है। क्योंकि वार्ड या सीट के आरक्षण के लिए ओबीसी की गणना जरूरी है।
इसके आधार पर ही सीटें और वार्ड आरक्षित होते हैं। नगर विकास विभाग चाहता है कि नवंबर के दूसरे हफ्ते तक आरक्षण का काम पूरा कर लिया जाए। प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निकाय चुनाव को लेकर सभी तैयारियां समय से पूरी कराई जाएं। अगर अतिरिक्त अधिकारियों की आवश्यकता हो तो उन्हें भी लगाया जाए जिससे काम तेजी से हो और समय से पूरा हो सके।