उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी-2026) गुरुवार से प्रदेशभर में कड़ी सुरक्षा और सघन निगरानी के बीच शुरू हो गई है। तीन दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा 60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर कुल पांच पालियों में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के पहले दिन सुबह से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बायोमेट्रिक सत्यापन, रेटिना स्कैन, आधार कार्ड की जांच और सघन तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। प्रदेशभर में फिलहाल परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
परीक्षा का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई को पांच पालियों में किया जा रहा है। दो जुलाई को उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा, तीन जुलाई को पहली पाली में उच्च प्राथमिक तथा दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी, जबकि चार जुलाई को पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे और दूसरी पाली दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक चलेगी।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। वर्ष 2021 में टीईटी प्रश्नपत्र लीक होने की घटना से सबक लेते हुए इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। अंबेडकरनगर के 12 केंद्रों, बलरामपुर के छह केंद्रों, गोंडा के 18 केंद्रों और अमेठी के 12 केंद्रों सहित सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्टैटिक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट, पर्याप्त पुलिस बल तथा बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।