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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बदला सुरक्षा प्रोटोकॉल, ट्रस्ट व सुरक्षाकर्मियों की प्रवेश-निकास के समय हो रही तलाशी

Thu, 02 Jul 2026 09:38 AM IST
Akash Dwivedi सतीश पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अब ट्रस्ट कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और अन्य अधिकृत कर्मियों की प्रवेश और निकास दोनों समय अनिवार्य तलाशी होगी। बायोमीट्रिक और फेस रीडिंग के साथ शारीरिक जांच भी की जा रही है, जबकि परिसर की निगरानी और जवाबदेही बढ़ाई गई है।

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद सुरक्षा व्यवस्था में एक और बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों, सुरक्षा एजेंसियों के जवानों और अन्य अधिकृत कर्मियों की भी प्रवेश और निकास दोनों समय अनिवार्य रूप से तलाशी ली जा रही है।

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राम मंदिर में पहले कर्मचारियों को केवल बायोमीट्रिक और फेस रीडिंग के बाद परिसर में प्रवेश मिलता था, जबकि ड्यूटी पूरी होने के बाद अंगद टीला मार्ग से लौटते समय नियमित तलाशी की व्यवस्था नहीं थी। ज्यादातर कर्मचारी परिचित होने के कारण भी उनके प्रति सामान्य व्यवहार रखते थे। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी चढ़ावा चोरी की धनराशि पार करते थे।

सूत्रों के अनुसार अब नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। किसी भी कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी को जांच के बिना अंदर जाने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रवेश द्वार पर बायोमीट्रिक और फेस रीडिंग के बाद शारीरिक तलाशी ली जा रही है, वहीं ड्यूटी समाप्त होने पर निकास के समय भी दोबारा जांच की जा रही है।
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सुरक्षा कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अपवाद नहीं रखा जाएगा। इसी के मद्देनजर अब आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है।

मुख्य मार्गों पर बढ़ाई गई निगरानी

मंदिर परिसर के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली का उद्देश्य केवल बाहरी सुरक्षा मजबूत करना नहीं, बल्कि परिसर के भीतर कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदेही भी सुनिश्चित करना है। आगामी दिनों में निगरानी और जांच से जुड़े कुछ अन्य प्रोटोकॉल भी लागू किए जा सकते हैं।

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