आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई भर्ती प्रक्रिया से संबंधित प्रस्ताव शासन स्तर पर 6 मार्च से पेंडिंग है। इसी प्रक्रिया को केंद्र ने भी हरी झंडी दी है। इस पर फैसला होते ही नई भर्ती कार्यवाही शुरू हो जाएगी। इससे संबंधित नियमावली भी शासन को भेजी जा चुकी है। इसके अलावा सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। जो विज्ञापन नहीं हुए, उन सभी में यह आरक्षण देना है। ऐसे में सभी पुराने भर्ती प्रस्ताव विभागों को लौटाने पड़े हैं।
विभागों ने रोस्टर के हिसाब से नया प्रस्ताव भेजना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे प्रस्ताव आ रहा है, उसका परीक्षण हो रहा है। कई खामियां मिल रही हैं, उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। तीसरा, आयोग के सामने पिछले चार वर्ष से लंबित भर्तियों का रिजल्ट घोषित करना था। 2019 तक के केवल दो रिजल्ट बचे हैं। मंडी व होम्योपैथी फार्मेसिस्ट के लंबित रिजल्ट का एलान भी 10 दिनों में कर दिया जाएगा।
कोविड की वजह से भी कामकाज प्रभावित हुआ। दो सदस्य संक्रमण से बीमार पड़े और दो वरिष्ठ अधिकारियों को एक-एक महीने नोडल अधिकारी के रूप में ड्यूटी पर जाना पड़ा। अधिकारी ने बताया कि आयोग शासन के संपर्क में है। जैसे ही नए प्रस्ताव पर सहमति बनती है, नए विज्ञापन आने शुरू हो जाएंगे।