उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की वाल्वो, स्कैनिया, एसी शताब्दी, जनरथ, पिंक बस और स्लीपर बसों में रविवार रात से मुफ्त में बोतल बंद पानी मिलना बंद हो जाएगा। इससे रोडवेज को सालाना लगभग नौ करोड़ रुपये की बचत होगी।
यानी रोडवेज के एसी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को अब पानी खरीद कर पीना होगा। हालांकि मुफ्त बोतलबंद पानी नहीं देने के एवज में यात्रियों के किराये में एक पैसा प्रति किलोमीटर की कटौती की है।
गौरतलब है कि प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर प्लास्टिक उपयोग कम करने के मकसद से बोतल बंद पानी की सप्लाई पर पाबंदी लगाई है। इस तरह जो यात्री अब लखनऊ से दिल्ली तक (लगभग 500 किमी) का सफर करेंगे, उन्हें पांच रुपये कम किराया देना होगा।
क्षेत्रीय प्रबंधक कर रहे थे बोतलबंद पानी के नाम पर खेल
एसी बसों में जब से बोतलबंद पानी देना शुरू हुआ था, तभी से कुछ क्षेत्रीय प्रबंधक इसकी आड़ में लाखों रुपये के वारे-न्यारे कर रहे थे। दरअसल, टेंडर गुणवत्तायुक्त ठंडा पानी मुहैया कराने के लिए होता था, लेकिन क्षेत्रीय प्रबंधकों की सांठगांठ से ठेकेदार भीषण गर्मी में भी यात्रियों को सामान्य बोतलबंद पानी मुहैया कराते थे।