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जमीन लेकर फैक्ट्री नहीं लगाई तो छिनेगा आवंटन

Tue, 22 Oct 2013 01:28 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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यूपीएसआईडीसी में समय सीमा के भीतर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना न करने वाले भूखंडों के निरस्तीकरण की नोटिस के नाम पर जमकर खेल हो रहा है।
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इसके अलावा भूखंड ट्रांसफर करने में भी नियमों की अनदेखी की जा रही है।

प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास डा. एसपी सिंह ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों से आवंटन निरस्त करने के लिए अब तक दी गई नोटिस और निरस्त किए गए आवंटनों की विस्तृत सूची तलब की है।

उन्होंने तय समय सीमा बीतने के बाद भी इकाई की स्थापना न करने वाले भूखंडों का आवंटन निरस्त करने को कहा है।

प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास डा. एसपी सिंह ने सोमवार को आवंटित लेकिन खाली पड़े औद्योगिक भूखंडों की समीक्षा की।

बैठक के बाद उन्होंने बताया कि प्रदेश में यूपीएसआईडीसी के 140 इंडस्ट्रियल इस्टेट हैं। नियमानुसार किसी भूखंड के आवंटित होने के आठ वर्ष के भीतर उस पर औद्योगिक इकाइयां लग जानी चाहिए।
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ऐसा न होने पर भूखंड का आवंटन निरस्त किया जा सकता है लेकिन इसमें मनमानी हो रही है। भूखंडों के ट्रांसफर प्रावधानों का भी ठीक से पालन नहीं हो रहा है।

उन्होंने बताया कि यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों से पूछा गया है कि समय सीमा बीतने के बाद अब तक कितने भूखंड निरस्त करने की नोटिस दी गई?

नोटिस देने के बाद कितने आवंटन निरस्त किए गए। जिन उद्यमियों ने भूखंड को ट्रांसफर कर हासिल किया उन्होंने औद्योगिक इकाई की स्थापना की या नहीं ? इस संबंध में पूरे अभिलेख तलब किए गए हैं।
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भूखंडों के सर्वे का निर्देश
प्रमुख सचिव ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों को भूखंडों का सर्वे कराने का निर्देश दिया है। सर्वे में देखा जाएगा कि उद्यमी द्वारा भूखंड आवंटन के लिए आवेदन की शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

यदि भू उपयोग के अनुसार औद्योगिक इकाई की स्थापना नहीं की गई या शर्तों के विपरीत उपयोग हो रहा है।

अथवा तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी भूखंड खाली पड़ा है तो संबंधित उद्यमी को नियमानुसार नोटिस जारी कर आवंटन निरस्त किया जाएगा।

निरस्त भूखंडों को औद्योगिक इकाई लगाने के इच्छुक दूसरे उद्योगपतियों को दिया जाएगा।
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