मलिहाबाद। किठाई पारा गांव के श्रमिक रिंकू गौतम (32) ने शनिवार को चाकू से अपना गला रेत लिया। मंगलवार देर रात घर में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मकान की बकाया रकम नहीं मिलने से परेशान होकर रिंकू ने आत्मघाती कदम उठाया।
रिंकू के चचेरे भाई पंकज ने बताया कि रिंकू की पत्नी अंजलि और ढाई साल की बेटी आकांक्षा एक वर्ष से काकोरी में मायके में हैं। रिंकू अकेले घर पर रहते थे। उन्होंने अपना मकान गांव के एक व्यक्ति को बेचा था। आरोप है कि खरीदार उसे रोज शराब के लिए सौ रुपये देता था। शनिवार शाम शाम रिंकू रुपये लेने गया था। रुपये न मिलने पर नाराज रिंकू ने घर आकर चाकू से अपना गला रेत लिया और खून से लथपथ होकर बाग की तरफ चला गया। खून बहता देख ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें सीएचसी मलिहाबाद में भर्ती कराया। वहां से ट्रॉमा रेफर किया गया।
अस्पताल से भाग आया था रिंकू
चौकी प्रभारी कसमंडी ने बताया कि रिंकू ट्रॉमा सेंटर से अगले दिन भाग निकला। पुलिस ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, पर वह वहां से भी भाग गया। मंगलवार की देर रात लगभग 11 बजे उसकी घर पर मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, रिंकू अत्यधिक शराब पीने का आदी था और रुपये व शराब न मिलने पर दिमागी संतुलन खोकर उसने यह कदम उठाया। इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार भाटी ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।