डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) ने सोमवार को राज्य प्रवेश परीक्षा 2019 (यूपीएसईई) का परिणाम घोषित कर दिया है। बीटेक में गाजियाबाद के प्रशांत मिश्र टॉपर रहे, जबकि गाजियाबाद के ही अरविंद अग्रवाल ने दूसरा और फरीदाबाद के धैर्य गुप्ता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इसी तरह बीफार्मा में सुल्तानपुर के मोहम्मद शोएब टॉपर रहे और आगरा की शिवांगी द्वितीय व पीलीभीत के मोहित कुमार सिंह तृतीय स्थान पर रहे। बीआर्क में साउथ वेस्ट दिल्ली की सैषा मोंगा पहले स्थान पर व हापुड़ के विदित सिंघल दूसरे और देहरादून के अनुस खान तीसरे स्थान पर रहे।
एमबीए पाठ्यक्रम में झांसी के संदीप सिंह ने पहला, मथुरा के पीयूष सिंघल ने दूसरा और सीतापुर के पवित्र रस्तोगी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। एमसीए में वाराणसी के अंकुर दूबे अव्वल रहे, जबकि लखनऊ के शिवम बिशेन ने दूसरा व जालौन के यश पुरवार ने तीसरा स्थान हासिल किया।
अभ्यर्थी
upsee.nic.in वेबसाइट पर परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन और विभाग के सचिव भुवनेश कुमार ने परिणाम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 16,6264 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें से 150145 ही शामिल हुए। इनमें से 37,612 महिलाएं व 96,762 पुरुषों के अलावा 3 ट्रांस जेंडर परीक्षा में सफल रहे। यानि 89.50 प्रतिशत सफल अभ्यर्थियों में 27.990 प्रतिशत महिलाएं और 72.008 प्रतिशत पुरुष रहे। काउंसलिंग के साथ 26 जून से शुरू होने वाली प्रवेश प्रक्रिया 25 जुलाई तक चलेगी। टंडन ने बताया कि इस साल भी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले 200 मेधावियों को मेरिट के आधार पर लैपटॉप दिए जाएंगे।
10 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आरक्षित
प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि सफल होने वालों में सामान्य श्रेणी के 67,634 (50.33 प्रतिशत), ओबीसी 49207 (36.62 प्रतिशत), एससी 17040 (12.68 प्रतिशत) और एसटी के 496 (0.37 प्रतिशत) अभ्यर्थी रहे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बीटेक की सीटों में 10 हजार की कमी की गई है, वहीं बीआर्क में करीब 12 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा 10 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आरक्षित की गई है।
पाठ्यक्रमवार परिणाम
बीटेक में सफल हुए 90.12 प्रतिशत अभ्यर्थी पिछले साल की तुलना में करीब 2.94 प्रतिशत कम हैं। बीफार्मा में यह संख्या 84.97 प्रतिशत है जो पिछली बार से 2.40 प्रतिशत अधिक है। बीआर्क में 98.30 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल हैं, जो पिछली तुलना में 6.76 प्रतिशत अधिक है।
वहीं, एमबीए में 98.13 (3.74 प्रतिशत अधिक) और एमसीए में 98.41 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल हुए हैं, यह संख्या पिछली बार की तुलना में 9.74 प्रतिशत अधिक है। ग्रामीण क्षेत्र के 94.56 प्रतिशत, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के 94 प्रतिशत, सैनिक कोटे के 84.42 प्रतिशत और दिव्यांग कोटे के 87.56 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल रहे।
बीटेक में इस बार घटीं 9328 सीटें
सरकार ने इस बार कई पाठ्यक्रमों की सीटें घटाई व बढ़ाई हैं। इस बार बीटेक में 9328 सीटें कम की गई हैं, वहीं बीफार्मा की 11444 सीटें बढ़ाई गई हैं। वहीं, एमबीए में 2742 और एमसीए में 168 सीटें कम की गई हैं।