विधान परिषद में बृहस्पतिवार को माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली सदस्यों के सवालों के सही जवाब नहीं दे पाए और लगातार दो सवालों पर सरकार की किरकिरी करा दी। नेता सदन अहमद हसन ने बात संभालने की कोशिश की, लेकिन एक सवाल पर तो उन्हें भी कहना पड़ा कि यद्यपि पूरा उत्तर आ गया है लेकिन सभापति आगे जो चाहें फैसला दे दें।
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नतीजतन सभापति गणेश शंकर पांडेय ने एक सवाल परिषद की प्रश्न संदर्भ समिति को भेज दिया तो दूसरा स्थगित कर दिया। भाजपा के हृदयनारायण दीक्षित ने अपने पहले सवाल में वित्तीय वर्ष 2013-14 और 2014-15 में खरीदे और बांटे गए लैपटॉप का ब्यौरा पूछा था।
मंत्री ने बताया कि 14,81,118 लैपटॉप खरीदे गए। इनमें से 38,676 लैपटॉप विभिन्न जिलों में बचे हुए हैं। इनके वितरण के संबंध में नीति-निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। बस इसी पर सदस्यों ने सरकार को घेर लिया।
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दीक्षित ने पूछा कि जब नीति पहले से तय है तो क्या सरकार कोई नई नीति बना रही है। मंत्री इसका जवाब नहीं दे पाए।
दीक्षित ने ही दूसरा सवाल किया कि योजना अभी जारी है या बंद कर दी गई। मंत्री ने जवाब दिया कि योजना जारी है लेकिन वित्तीय संसाधनों के आधार पर कुछ रुकी हुई है।
सदस्य ने पूछा कि वित्तीय संसाधन कब तक जुटा लिए जाएंगे? मंत्री इसका भी उत्तर नहीं दे पाए। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सवाल उठा दिया कि प्रश्न दो वित्तीय वर्ष के बारे में पूछा गया है, पर इसका उत्तर न देकर सिर्फ लैपटॉप की संख्या लिख दी गई है।
पेंशन, ग्रेच्युटी व जीपीएफ के सवाल पर भी उलझे
शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि जवाब मंत्री को देना होता है लेकिन मंत्री कह रहे हैं कि सचिवालय से उन्हें जो जानकारी दी गई, वह उन्होंने बता दी। नेता प्रतिपक्ष व शर्मा के आग्रह पर सभापति ने इसे प्रश्न संदर्भ समिति को भेजने का निर्देश दिया।
इस प्रश्न पर फिर उलझे: शिक्षक दल के जगवीर किशोर जैन ने फीरोजाबाद के सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन, ग्रेच्युटी व जीपीएफ भुगतान से संबंधित प्रश्न किया था। इस पर मंत्री के उत्तर से नए प्रश्न खड़े हो गए। अंतत: सभापति ने सदस्यों के आग्रह पर इसे भी स्थगित कर दिया।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने लूटी वाहवाही वहीं, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने अपने जवाबों से सदस्यों की वाहवाही लूट ली। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दूसरे मंत्रियों को भी ऐसी ही तैयारी से आना चाहिए।
बसपा के अब्दुल हन्नान के सवाल पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि अनौपचारिक शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने कुछ परियोजना अधिकारियों की नियुक्ति की थी, पर केंद्र सरकार द्वारा परियोजना समाप्त कर देने से समस्या खड़ी हो गई।
कुछ परियोजना अधिकारियों के पदों को एलटी ग्रेड में संविलयन कर दिया गया। कुछ लोग न्यायालय चले गए। वहां मामला विचाराधीन है। फिर भी प्रदेश सरकार ने तय कर लिया है कि किसी को हटाया नहीं जाएगा। इन्हें इनके पद के अनुरूप वेतनमान में नया पदनाम देकर समायोजित किया जाएगा।
रायबरेली के 350 और अमेठी के 100 गांवों का भूजल दूषित
भाजपा के हृदयनारायण दीक्षित के सवाल के जवाब में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री अरविंद सिंह गोप ने बताया कि रायबरेली के 350 और अमेठी के 100 गांवों का भूजल दूषित है।
आगरा, इलाहाबाद, औरैया, बहराइच, बलिया, बस्ती, बिजनौर, देवरिया, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फीरोजाबाद, झांसी, कन्नौज, गोंडा, गोरखपुर, लखीमपुर-खीरी, कुशीनगर, मथुरा, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर व उन्नाव समेत 26 जिलों का पानी अशुद्ध है। प्रतापगढ़ के कई ब्लॉक के पानी में फ्लोराइड पाया गया है।
मनरेगा के संविदा कर्मियों का जल्द भुगतान: एक सवाल के जवाब में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि मनरेगा के तहत नियुक्त सभी संविदा कर्मियों को जल्द भुगतान करा दिया जाएगा। केंद्र के पैसा न देने के कारण दिक्कत आई है।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहल करते हुए ग्राम रोजगार सेवकों के बकाया भुगतान के लिए 60 करोड़ रुपये दिए हैं। जल्द ही अन्य कर्मियों का भी बकाया भुगतान करा दिया जाएगा।