राजधानी में वैक्सीन का संकट खड़ा हो गया है। वैक्सीनेशन केंद्रों पर टीके की डोज खत्म हो गई हैं। कोरोना की रफ्तार देखकर बड़ी संख्या में जब लोग टीका लगवाने केंद्रों पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें मायूस होना पड़ रहा है। शनिवार को लोकबंधु अस्पताल में टीका लगवाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। दोपहर बाद जब टीकाकरण बंद कर दिया गया तो वहां मौैजूद लोगों ने जमकर हंगामा किया। उन्हें बताया गया कि वैक्सीन खत्म हो गयी है। इसी बीच एक बुजुर्ग ने बूथ पर लगा शीशा तोड़ दिया।
अस्पताल ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। बुजुर्ग का कहना था कि वह इतनी देर से वैक्सीनेशन के इंतजार में था जब नंबर आने वाला था तो बताया गया कि टीका खत्म हो गया है। बहरहाल, पुलिस ने आशियाना निवासी बुजुर्ग को हिरासत में ले लिया है। परिवारीजनों ने माफी मांगी तब कहीं पुलिस ने उन्हें छोड़ा। इसी तरह कई स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका न होने की शिकायतें मिलीं।
...तो कैसे मनेगा टीका उत्सव
एक तरफ टीका उत्सव मनाए जाने की तैयारी चल रही है तो वहीं स्वास्थ केंद्रों पर वैक्सीन की किल्लत से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। जिन अस्पतालों को कोविड वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित किया गया है, उनकी वैक्सीन की जो डिमांड है वह पूरी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा सीएमओ के अधीन जितने स्वास्थ्य केंद्र हैं, वहां भी वैक्सीन की कमी है। टीका लगवाने के लिए लोग केंद्र पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें वैक्सीन न होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। लोकबंधु अस्पताल में 500 लोग टीका लगवाने पहुंचे थे। यहां सिर्फ 300 लोगों को ही टीका लग पाया। वायल खत्म हो गये और लोगों से बाद में आने को कहा। इसी बात पर जमकर हंगामा हुआ। टीका की कमी के चलते दोपहर 12 बजे वैक्सीनेशन खत्म हो गया। यही वजह है कि शनिवार को सिर्फ 6667 लोगों को ही टीका लगा जबकि शुक्रवार को 12308 लोगों को वैक्सीन लगी थी। वैक्सीनेशन का आंकड़ा बढ़ने के बजाय घटकर आधे पर आ गया। आंकड़ा बयां कर रहा है कि राजधानी में कोविड वैक्सीनेशन की किल्लत पैदा हो गई है।