नए कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने लगाया चंदन पौधा।
कुमारगंज। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के कुलपति का कार्यभार ग्रहण कर डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बैठक की। बैठक में शिक्षा, शोध और प्रसार को मजबूत करने पर जोर दिया।
डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (आईसीएआर) नई दिल्ली और भारतीय गेहूं व जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल के पूर्व निदेशक रहे हैं। उन्हें हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया था। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने आचार्य नरेंद्रदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। चंदन का पौधा भी लगाया। कुलपति ने शिक्षकों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के साथ बैठक में कहा कि इस विश्वविद्यालय को मजबूती देने में पूर्व के कुलपति व वैज्ञानिकों का सराहनीय योगदान रहा है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। कहा कि यदि विश्वविद्यालय की नवीनतम तकनीक किसानों तक नहीं पहुंचती है तो हम अपने उद्देश्यों में विफल माने जाएंगे। उन्होंने शोध को बढ़ावा देने के लिए परियोजनाएं लाने की बात कही।
विश्वविद्यालय में 30 दिन में बदलाव
पदभार ग्रहण के बाद कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि 30 दिन के भीतर विश्वविद्यालय में कई अहम बदलाव दिखेंगे। इनमें शोध, प्रशासनिक और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र शामिल होंगे। बंद पड़े कृषि तकनीकी सूचना केंद्र को फिर से शुरू किया जाएगा। इसमें वरिष्ठ वैज्ञानिक और एक टोल फ्री नंबर होगा।
किसानों के लिए नई पहल
कुलपति ने बंद पड़े आकाशवाणी केंद्र को भी दोबारा शुरू करने की बात कही। उन्होंने किसानों को एक ही छत के नीचे सब्जी, धान और गेहूं के बीज उपलब्ध कराने की योजना बताई। कृषि तकनीक की जानकारी भी यहीं से मिलेगी। उन्होंने वैज्ञानिकों के गलत संबद्धीकरण को ठीक करने पर भी जोर दिया।