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Lucknow News: यूपीआई पर शुल्क से व्यापारियों का कम होगा मुनाफा, आम जनता पर भी बढ़ेगा बोझ

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संवाद में पहुंचे कारोबारी।
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लखनऊ। यूपीआई पर शुल्क का असर सिर्फ व्यापारियों के कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा। कम मुनाफे वाले छोटे कारोबारियों के लिए यह अतिरिक्त लागत बनेगी। इसकी भरपाई ग्राहक से की गई तो आम जनता पर बोझ बढ़ेगा। ये बातें मंगलवार को डालीबाग स्थित अमर उजाला कार्यालय में व्यापारियों के संवाद कार्यक्रम के दौरान सामने आईं।
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फर्नीचर, किराना, स्टेशनरी, कैटरिंग समेत विभिन्न कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने एक स्वर में यूपीआई पर शुल्क का विरोध किया। कहा कि एक से दो फीसदी के मामूली मार्जिन पर कारोबार करने वालों के लिए 0.4 फीसदी शुल्क भी अहम है। लागत बढ़ने पर व्यापारी का अपना मुनाफा कम होगा तो वह इसकी भरपाई ग्राहक से करेगा। दोनों ही स्थिति कारोबार के लिए आसान नहीं होगी। ग्राहक से शुल्क वसूला गया तो वस्तु या सेवा की कीमत पर असर पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि यूपीआई ने छोटे कारोबार में भुगतान को आसान बनाया है। ग्राहक के पास नकद न होने पर भी खरीदारी संभव हो जाती है। भुगतान का हिसाब भी साफ रहता है। ऐसे में शुल्क लगाने से इस सुविधा की लागत बढ़ेगी।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अनुज गौतम ने चिंता जताई कि शुल्क बढ़ने पर छोटे कारोबारी डिजिटल भुगतान लेने से बच सकते हैं। इससे नकद लेनदेन फिर बढ़ने की आशंका है।
फर्नीचर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष इकबाल हुसन का कहना है कि यूपीआई का इस्तेमाल बढ़ने से कारोबार के साथ कर व्यवस्था में भी पारदर्शिता बढ़ी है। सरकार को भी जीएसटी के रूप में राजस्व मिलता है। फर्नीचर एसोसिएशन के सचिव प्रवेश जैन ने कहा कि क्रेडिट और डेबिट कार्ड के शुल्क का बोझ पहले से है। ऐसे में यूपीआई पर नया शुल्क छोटे कारोबारियों की लागत और बढ़ाएगा। यदि सरकार को यूपीआई से जुड़े खर्च की भरपाई करनी है तो उसके लिए दूसरे रास्ते तलाशे जाने चाहिए। यूपीआई को निशुल्क रखना व्यापारी और आम जनता, दोनों के हित में रहेगा।
इन संगठनों से जुड़े व्यापारी रहे मौजूद
यूपी आदर्श व्यापार मंडल, उद्योग व्यापार मंडल, लखनऊ व्यापार मंडल, फर्नीचर एसोसिएशन, स्टेशनरी व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन।
इन व्यापारियों ने रखी बात
विजय कुमार, इकबाल हसन सिद्दीकी, डॉ. यदुवेंद्र सिंह, अनुज गौतम, हेमंत कुकरेजा, अखिल ग्रोवर, डॉ. संजीव जैन, प्रवेश जैन, राजीव अरोड़ा, महेश चंद्र देवा, जितेंद्र सिंह चौहान, सुनील कुमार त्यागी, नितिन श्याम अग्रवाल।

संवाद में पहुंचे कारोबारी।

संवाद में पहुंचे कारोबारी।

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